प्रिय पाठकों, चुनाव के समय शहर के बंगाली बाजार में प्रस्तावित ओवरब्रिज का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहता आया है. चुनाव में किस्मत आजमाने वाले उम्मीदवार घोषणापत्र में ओवरब्रिज को पहले क्रमांक पर रखते आये हैं. इसके बावजूद ओवरब्रिज निर्माण में फंस रहे पेच को समाप्त नहीं कराया जा सका है, जबकि सड़क जाम की वजह से दर्जनों लोग काल के गाल में समा चुके हैं.
बंगाली बाजार में बनेगा ओवरब्रिज!
सहरसा नगर: शहर के बंगाली बाजार में विगत अठारह वर्ष से एक अदद रेल ओवरब्रिज की जरूरत महसूस की जा रही है. प्रभात खबर द्वारा लगातार जनभावनाओं को शब्द के रूप में शासन व प्रशासन के समक्ष रखा भी जा रहा है. पूर्व के समय में सड़क जाम से कभी कभार लोगों को रू-ब-रू होना […]

सहरसा नगर: शहर के बंगाली बाजार में विगत अठारह वर्ष से एक अदद रेल ओवरब्रिज की जरूरत महसूस की जा रही है. प्रभात खबर द्वारा लगातार जनभावनाओं को शब्द के रूप में शासन व प्रशासन के समक्ष रखा भी जा रहा है. पूर्व के समय में सड़क जाम से कभी कभार लोगों को रू-ब-रू होना पड़ता था. लेकिन आमान परिवर्तन के बाद सड़क जाम की समस्या महाजाम में परिणत होती गयी, जिसके विकराल स्वरूप ने समस्त जनजीवन को प्रभावित कर दिया है.
शहर में व्यवसाय का ग्राफ भी सड़क जाम की वजह से प्रभावित हो रहा है. खास बात यह है कि प्रशासन ने जाम की समस्या को कम करने के लिए नो इंट्री का कानून लागू किया हुआ है, जिसका खामियाजा बड़े व्यवसायियों को उठाना पड़ रहा है.