पतरघट : चक्रवाती तूफान व भूकंप से प्रभावित हुए लोगों के साथ सरकारी अनुदान से वंचित कर दिये जाने से आक्रोशित पीड़ितों ने रविवार को मधेपुरा-ग्वालपाड़ा मुख्य मार्ग को पस्तपार बाजार चौक के समीप लगभग पांच घंटे जाम कर यातायात बाधित कर दिया. आक्रोशित लोगों ने प्रशासन-जनप्रतिनिधि व बिचौलियों के खिलाफ जम कर नारेबाजी करते हुए आक्रोश का इजहार किया. पस्तपार पंचायत के पूर्व मुखिया मो जकरिया के नेतृत्व में आंदोलन व सड़क जाम कर रहे लोगों का कहना था कि प्रखंड कर्मियों व अंचल कर्मियों की बिचौलियों से मिलीभगत है.
इससे वाजिब पीड़ित लोगों का सर्वेक्षण सूची से नाम काट कर पक्का मकान वाले को लाभ दिया गया है. सभी निष्पक्ष तरीके से सर्वेक्षण किये जाने व अवैध भुगतान पाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रहे थे. सड़क जाम की सूचना मिलने के चार घंटे बाद मौके पर पहुंचे बीडीओ परवेज आलम का आक्रोशित लोगों ने घेराव किया. भीड़ द्वारा आपस में धक्का मुक्की करते उन्हें बीच में लेने की कोशिश की गयी. स्थिति गंभीर देख पस्तपार थाना के शंभुनाथ सिंह व अन्य कर्मी मौके पर पहुंचे. कुछ देर माहौल शांत होने के बाद दुबारा बीडीओ ने जाम स्थल पर पहुंच कर पीड़ितों की सारी समस्या को सुन कर निदान का आश्वासन दिया. बीडीओ परवेज आलम ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पस्तपार पंचायत वार्ड संख्या 10 में उनके द्वारा निष्पक्ष तरीके से पीड़ित लोगों का सर्वेक्षण किया गया है.
शेष वार्डो की भी वीडियोग्राफी करवा सूची तैयार करायेंगे. इसके बाद ही भुगतान किया जायेगा. मौके पर मौजूद लोजपा नेत्री सरिता पासवान व राजेन्द्र झा ने कहा कि राजनीति व सत्ता के प्रभाव में आ कर बीडीओ-सीओ ने अपने चहेतों को ज्यादा लाभ दिया तथा वाजिब लोगों को उक्त लाभ से वंचित कर दिया. वहीं सड़क जाम करने वालों को ऊमस भरी गरमी में बेहाल राहगीर कोस रहे थे. बीमार एवं बाहर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. भारी मशक्कत व बीडीओ परवेज आलम के आश्वासन बाद सड़क जाम टूटा व यातायात बहाल हो पाया. जाम करने वालों में लोजपा के अरविंद यादव, मनोज पासवान, मो हारूण रसीद, मो मुर्शीद आलम, मो अफरोज सहित अनेक पीड़ित शामिल थे.
