सहरसा : उत्पाद एवं मद्यनिषेद्य विभाग द्वारा बीते 13 अक्तूबर को शहर के डुमरैल से एक ट्रक से शराब बरामदगी मामले में कुछ दिन पूर्व सदर थाना में दर्ज हुए मामले का पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने सोमवार को सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, कांड के अनुसंधानकर्ता पुनि अनिल कुमार सिंह व सदर थानाध्यक्ष राजमणि के साथ जिस जमीन से शराब लदा ट्रक बरामद किया गया था, की जांच की और स्थानीय कुछ लोगों से भी पूछताछ की.
आइओ के साथ एसपी ने लिया शराब बरामदगी वाली जमीन का जायजा
सहरसा : उत्पाद एवं मद्यनिषेद्य विभाग द्वारा बीते 13 अक्तूबर को शहर के डुमरैल से एक ट्रक से शराब बरामदगी मामले में कुछ दिन पूर्व सदर थाना में दर्ज हुए मामले का पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने सोमवार को सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, कांड के अनुसंधानकर्ता पुनि अनिल कुमार सिंह व सदर थानाध्यक्ष राजमणि के […]

मालूम हो कि बीते 14 जनवरी को शराब कारोबारी को बचाने व मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में उत्पाद अधीक्षक अशरफ जमाल, उत्पाद निरीक्षक मो फैयाज अहमद व जमादार वीरेंद्र पाठक सहित अन्य पर सदर थाना में मामला दर्ज किया गया था.
सदर थानाध्यक्ष राजमणि के बयान पर भादवि की धारा 166 ए, 167, 120 बी एवं बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम 2016 की धारा 51, 52 के अंतर्गत मामला दर्ज कर एवं त्वरित कार्रवाई करते उत्पाद निरीक्षक मो फैयाज अहमद व जमादार वीरेंद्र पाठक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है.
कांड के अनुसंधानकर्ता पुनि अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में गिरफ्तार उत्पाद निरीक्षक मो फैयाज अहमद व जमादार वीरेंद्र पाठक को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन दिया गया है. निर्देश मिलने के बाद दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जायेगी.
कई बिंदू थे संदिग्ध
मालूम हो कि शराब बरामदगी के बाद उत्पाद विभाग द्वारा कांड दर्ज करने से लेकर आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने में लापरवाही सामने आने के बाद उत्पाद एवं मद्यनिषेद्य विभाग के अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक व सदर एसडीपीओ ने मामले की जांच की थी. जिसमें कई बिंदु संदिग्ध था. एफआइआर में ट्रक चालक का नाम नहीं दिया गया था, वाहन नंबर में भिन्नता, कई दिन के बाद मामला दर्ज किया गया था.
जांच रिपोर्ट में उत्पाद अधीक्षक, उत्पाद निरीक्षक व जमादार सहित अन्य की लापरवाही सामने आयी थी. जिसके बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई की गयी. शराब बरामदगी के बाद आरके सिंह के बाउंड्रीयुक्त परिसर जो अधिकारिक जांच के दौरान आरके सिंह के द्वारा डॉ आइडी सिंह को केवाला कर दिये जाने की बात सामने आ रही है, को सील बंद किया गया था. एसपी ने सभी बिंदुओं पर जांच की.