सहरसा : अक्सर सामान्य श्रेणी के कोच में सफर करना आम यात्रियों के लिए चुनौती भरा होता है. खासकर दिल्ली, पंजाब, लुधियाना, अमृतसर आदि ट्रेनों में सामान्य श्रेणी के डिब्बों की हालत ऐसी होती है कि क्षमता से कई गुना अधिक यात्री सवार हो जाते हैं.
सीट नहीं मिलने पर कोई शौचालय तक तो कोई गेट पर ही लंबी दूरी की ट्रेनों में 30 से 35 घंटे का सफर कर लेते हैं. ऐसे में दुर्घटना होने की संभावना अधिक बनी रहती है. सामान्य श्रेणी के डिब्बों में सफर करने वाले यात्रियों को अब धक्का-मुक्की से जल्द ही निजात मिलेगी. ना लाइन लगने का झंझट और ना ही सीटों के लिए मारामारी करनी पड़ेगी.
इसके लिए रेल मंडल के सहरसा-समस्तीपुर समेत मुख्य स्टेशनों पर नयी व्यवस्था प्रणाली शुरू की जा रही है. इसके तहत चयनित स्टेशनों पर कियोस्क मशीन लगायी जायगी. नयी व्यवस्था के तहत इस मशीन के माध्यम से सामान्य श्रेणी के कोच में सफर करने वाले यात्रियों की बायोमीट्रिक जानकारियां दर्ज होगी. इसके बाद ही यात्रियों को कोच में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. हालांकि यह योजना रेल मंडल के अधिकारी और आरपीएफ के संयुक्त तत्वावधान में बनायी गयी है.
इसके तहत सहरसा जंक्शन पर 10 लाख की लागत से कई किओस्क मशीन लगायी जायेगी. रेल विभाग ने इसके लिए तैयारी लगभग पूरी कर ली है. जल्दी या प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. रेल विभाग ने बताया कि यह सिस्टम पहले उन स्टेशनों पर लगाया जायेगा. जहां से ट्रेनें रवाना होती है. सहरसा जंक्शन से जनसाधारण, गरीब रथ, पुरबिया, वैशाली, बांद्रा, हमसफर, जनहित, राज्यरानी सहित दर्जन भर ट्रेन रोजाना रवाना होती है.
बताया जा रहा है कि यह सिस्टम आरपीएफ पोस्ट पर लगाया जायेगा. जो आरपीएफ की निगरानी में रहेगी. सहरसा, समस्तीपुर, जयनगर, दरभंगा सहित कई मुख्य स्टेशनों पर यह सिस्टम लगाया जायेगा. बताया जा रहा है कि यात्री अपना रेल टिकट लेने के बाद ट्रेन के कोच में सवार होने से पहले अपना आधार संख्या एवं कियोस्क मशीन में अपना फिंगरप्रिंट दर्ज करेंगे.
इसके बाद ही कोच में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. अधिकारियों ने बताया कि सामान्य श्रेणी के कोच में यात्रियों की भीड़ व लाइन के नाम पर अधिकांश गड़बड़ियों की शिकायत रोकने के लिए नयी व्यवस्था लायी जा रही है. इससे भीड़ पर अंकुश लगेगी. वहीं रेल यात्री की सुरक्षा पुख्ता होगी.
बता दें कि सहरसा जंक्शन से रोजाना 58 ट्रेनों का ठहराव है. सामान्य दिनों में 15,000 से अधिक यात्रियों की रोजाना आवाजाही होती है. हालांकि कितनी संख्या में मशीन लगायी जायेगी, यह अभी तय नहीं किया गया है. इसके अलावा सहरसा जंक्शन छोड़कर अन्य छोटे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या कोच में चढ़ने पर कैसे नियंत्रित रखी जायेगी, इसको लेकर फिलहाल कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गयी है.
समस्तीपुर मंडल के आरपीएफ कमांडेंट अंशुमन त्रिपाठी ने बताया कि यह सिस्टम आरपीएफ पोस्ट पर लगाया जायेगा. यात्रियों को सामान्य श्रेणी के डिब्बों में चढ़ने से पहले बायोमेट्रिक जानकारी देनी पड़ेगी. फिलहाल जिन स्टेशनों पर यह सिस्टम लगाया जायेगा, उसकी सूची तैयार की जा रही है. पहले यह देखा जा रहा है कि किस स्टेशन से अधिक ट्रेनें रवाना होती है. यात्री सुरक्षा व रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिहाज से भी यह व्यवस्था लागू की जा रही है.
