फाइल में दब कर तो नहीं रह जायेगी विजय की मौत

सहरसा : मानव बल विजय की मौत के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कहने पर एक चर्चा जोरशोर से शुरू हो गयी कि वर्ष 2018 के चौथे दिन यानी चार जनवरी को शहर के डीबी रोड में बिजली करेंट से हुई चार बच्चों की मौत को जहां विभाग ने […]

सहरसा : मानव बल विजय की मौत के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की बात कहने पर एक चर्चा जोरशोर से शुरू हो गयी कि वर्ष 2018 के चौथे दिन यानी चार जनवरी को शहर के डीबी रोड में बिजली करेंट से हुई चार बच्चों की मौत को जहां विभाग ने मुआवजा व एक व्यक्ति को नौकरी देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली.

कहीं यह भी तो फाइल में ही दबकर नहीं रह जायेगी. लोगों ने कहा कि मुआवजा देकर विभाग भी अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते हैं. वहीं लोग भी एक दो दिन बाद मामला को भूल जाते हैं. लोगों ने कहा कि एक साल बाद भी चार मौत की घटना को सोच कर लोगों को सिहरन पैदा हो जाती है.
मालूम हो कि बीते वर्ष के एक जनवरी से लापता संतोष जायसवाल के आठ वर्षीय पुत्र चिराग का शव घर से चंद कदमों की दूरी पर होने के बाद बीते चार जनवरी को चिराग की दो बहन निधि व मुस्कान व उसकी सहेली किशोर दास की पुत्री कोमल शव की पहचान के लिए गये थे. जहां पटरी के बगल से गुजर रहे तार की चपेट में आने से तीनों जिंदा जल गये थे. विरोध में लोगों ने दोषी अधिकारी व कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया था. लेकिन अभी तक दोषियों पर किसी तरह की कार्रवाई से लोग आज भी अनजान है.
चार सदस्यीय टीम ने लिया था जायजा
जिस दिन यह घटना हुई उसी दिन राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शहर से कुछ दूरी पर सुलिंदाबाद में एक कार्यक्रम में भाग लेने आये थे. उन्हें जैसे ही घटना की जानकारी मिली उन्होंने जांच के आदेश दे दिये. जिसके बाद विभाग के निदेशक एसकेपी सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम सहरसा पहुंच मामले की जांच की थी. टीम के सदस्यों ने घटनास्थल, पावर ग्रिड व कार्यालय में जांच की थी. टीम ने विभाग को जांच रिपोर्ट समर्पित करने की बात कही थी. लेकिन आम लोग एक साल बाद भी रिपोर्ट व कार्रवाई से अनभिज्ञ है.
तीन बच्चे चिराग, मुस्कान व निधि के पिता संतोष जायसवाल को विभाग में मानव बल में नौकरी दी गयी है. वही विभाग की तरफ से चारों मृतक के परिजनों को चार-चार लाख व आपदा विभाग से बीस-बीस हजार का चेक दिया गया था. इसके अलावे क्षेत्रीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी दोनों परिवार को नकद राशि दी थी.

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