सहरसा : दैनिक वेतनभोगी के रूप में जिला नजारत शाखा में वर्ष 1984 से कार्यरत फूलेश्वर राम का नाम पैनल में शामिल नहीं किए जाने के कारण बुधवार को दूसरे दिन भी श्री राम का परिवार के साथ अनशन जारी रहा. तपती धूप व उमस भरी गर्मी में बिना टेंट पंडाल के श्री राम का पूरा परिवार अनशन पर जमा रहा. वर्षो तक सरकारी कार्यालय में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत उम्मीदवार की स्थायी नियुक्ति नहीं हुई.
नियुक्ति की आस में फूलेश्वर अब अनशन के माध्यम से ही जिला प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाना चाह रहा है. प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के सामने मंगलवार से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की सूचना मिलने पर मधेपुरा के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी मंगलवार की देर रात अनशन स्थल पहुंच अनशनकारी श्री राम व उनके परिवारों से मिल पूरी जानकारी प्राप्त की. अनशनकारी सहित उसके परिजनों ने श्री यादव को बताया कि जिला प्रशासन उच्च न्यायालय के आदेश को अनसूना कर रही है.
फूलेश्वर व उनके परिजन सांसद से न्याय दिलाने की गुहार लगाने लगे. सांसद श्री यादव ने अनशनकारी सहित उनके परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे जिला प्रशासन से बातचीत कर न्यायोचित कार्रवाई करने की दिशा में प्रयास करेंगे. मंगलवार से अनशन पर बैठे उम्मीदवार से मिलने या उसे देखने दूसरे दिन तक जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा. जबकि श्री राम के अनशन को समाहरणालय सहित जिला मुख्यालय के कई सरकारी कार्यालयों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने अपना समर्थन जारी रखा.
