एनपीएस बटराहा के चार कमरों में संचालित हो रहा है दो विद्यालय
सहरसा : शिक्षा की गुणवत्ता व शिक्षा के स्तर में सुधार का भले ही सरकार कागज पर लाख दावा कर ले. हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. बच्चों के भविष्य के साथ खुलेआम मजाक किया जा रहा है. चार कमरों के एनपीएस बटराहा में दो-दो विद्यालय संचालित किया जा रहा है. एक विद्यालय तीन कमरों में तो दूसरा एक कमरे में. ऐसी स्थिति में बच्चों को कैसी शिक्षा मिल रही होगी. इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है.
रसोई घर तक नहीं
विद्यालय में संचालित एमडीएम में भी लूट मची हुई है. प्राथमिक विद्यालय चांदनी चौक को तो रसोईघर नहीं है. लेकिन एनपीएस बटराहा को एक फूस की रसोईघर जरूर है. उसकी स्थिति अत्यधिक खराब है.
भोजन में उपयोग की जाने वाली बरतनों की साफ-सफाई भी शायद नियमित नहीं होती है. शनिवार को बच्चों को खिचड़ी हरी साग, सब्जी व चोखा देने का नियम है. लेकिन रसोईया द्वारा बनाये गये खिचड़ी में साग-सब्जी तो नहीं ही थी. खिचड़ी व चोखा की गुणवत्ता भी अच्छी नहीं थी. प्रधानाध्यापिका नर्मदा झा ने बताया कि रसोईघर के लिए विभाग को लिखा गया है. आवंटन नहीं आया है.
हाजिरी में गड़बड़ी
सरकार द्वारा बच्चों को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गयी एमडीएम योजना में लूट की मंशा से उपस्थिति से तीन गुणा ज्यादा बच्चों की हाजिरी बनायी जा रही है. दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापिका के बीच ज्यादा हाजिरी बनाने की होड़ लगी है. सबसे ज्यादा तो एनपीएस बटराहा में है. शनिवार को प्राथमिक विद्यालय चांदनी चौक में कुल 27 बच्चे उपस्थित थे. जबकि वर्ग प्रथम में 17, द्वितीय में आठ, तृतीय में चार, चतुर्थ में छह, पंचम में छह यानि कुल 41 बच्चों का हाजिरी बनायी गयी थी. एनपीएस बटराहा की स्थिति सुन दंग रहे जायेंगे. विद्यालय में उपस्थिति से तिगुणा से भी ज्यादा बच्चों की हाजिरी बनायी गयी थी.
विद्यालय के एक कमरे में वर्ग एक से तीन में मात्र 43 बच्चे उपस्थित थे. जबकि वर्ग प्रथम में नामांकित 36 में 29, द्वितीय में नामांकित 49 में 39, तृतीय वर्ग में नामांकित 46 में 36 बच्चों की हाजिरी बनायी गयी थी. दूसरे कमरे में संचालित वर्ग चतुर्थ व पंचम मिलाकर 23 बच्चे उपस्थित थे. जबकि हाजिरी चतुर्थ में नामांकित 34 में 26, पंचम में नामांकित 120 में 90 बच्चों की हाजिरी बनी हुई थी. इस बाबत पूछे जाने पर प्रधानाध्यापिका नर्मदा झा ने कहा कि 75 प्रतिशत उपस्थिति दर्शाना जरूरी है. अधिकारियों द्वारा निरीक्षण नहीं किये जाने से इन लोगों का हौसला बुलंद है. अधिकारियों द्वारा यदि औचक निरीक्षण की जाय तो सच्चई सामने आ सकती है.
अव्यवस्था का है माहौल
एक ही भवन में दो-दो विद्यालय के संचालन होने व आपसी तालमेल के अभाव में विद्यालय में अव्यवस्था का माहौल बना हुआ है. मिली जानकारी के अनुसार हक व अधिकार को लेकर दोनों विद्यालय के शिक्षकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहता है. दोनों एक दूसरे को नीचा दिखाने की ही कोशिश में लगे रहते है.
खासकर एमडीएम के बाद चापाकल पर पानी पीने को लेकर दोनों विद्यालय के बच्चे आपस में झगड़ जाते है. मालूम हो कि एक ही चापाकल रहने के कारण दोनों विद्यालय के बच्चे एक ही जगह पानी पीते है. इतना ही नही शौचालय नही रहने के कारण छात्रओं व शिक्षिकाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हे.
क्या कहते हैं अधिकारी
इस बाबत पूछे जाने पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी कहरा सुरेशचंद्र रजक ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी. इससे पूर्व भी नर्मदा झा के समय पर विद्यालय नहीं आने की रिपोर्ट वरीय अधिकारी को भेजी गयी है. अन्य मामलों की भी जांच कर वास्तुस्थिति से वरीय अधिकारी को अवगत कराया जायेगा.
