धमारा के आगे रेल विद्युतीकरण को दिया जा रहा फाइनल टच
सहरसा : मधेपूरा-सहरसा-मानसी रेल खंड के विद्युतीकरण कार्य अब लगभग अंतिम चरण में है. रेल विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद संभावना है कि इसी महीने के अंत तक सीआरएस निरीक्षण होगा. रेल विद्युतीकरण पूरा होने की स्थिति को देखते हुए निरीक्षण के लिये सीआरएस के लिए इलेक्ट्रिक विभाग की ओर से रिपोर्ट भेजे जाने की बात रेलवे की ओर से कही गयी है. रेल विद्युतीकरण कार्य के अवलोकन को देखते हुए लगता है कि मार्च के अंतिम तक इस काम को पूरा कर लिया जाएगा.
सहरसा मानसी रूट में फिलहाल धमारा के आगे विद्युतीकरण के काम पूरा करने के लिए तार बिछाने का काम पूरा करने हेतु अंतिम रूप दिया जा रहा है. धमारा से आगे अभी फाउंडेशन का काम व खंभा को खड़ा करपे का काम चल रहा है. वहीं सहरसा स्टेशन यार्ड में एक से दो दिनों में फाउंडेशन के काम को पूरा करने के बाद तार खींच रेल विद्युतीकरण कार्य को लगभग पूरा कर लिया उम्मीद है कि एक सप्ताह के अंदर व रेल खंड में रेल विद्युतीकरण का काम पूरा हो जाएगा.
सीआरएस निरीक्षण की बात पूछे जाने के सवाल पर चीफ इलेक्ट्रिक हाजीपुर राकेश कुमार तिवारी ने कहा रेल विद्युतीकरण का काम लगभग फाइनल मोड में है. कहा कि मधेपुरा सहरसा मानसी तक रेल विद्युतीकरण का काम को पूरा करने के लिये दिन रात युद्ध स्तर पर बहुत ही जल्दबाजी में काम को पूरा किया गया है. सीआरएस निरीक्षण के तिथि के बारे में पूछे जाने पर कहा कि काम पूरा होते ही रिपोर्ट समर्पित कर दी जायेगी. संभावना है इसी महीने के अंत में सीआरएस निरीक्षण की तिथि भी निर्धारित हो जायेगी.
मालूम हो कि मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना में तैयार बारह हजार हाऊरस पावर के इलेक्ट्रिक इंजन को कारखाना से बाहर रेल की पटरी पर ट्रायल के लिए निकाले जाने हेतु पिछले सात आठ महीने से रेल विद्युतीकरण का कार्य दिन रात युद्ध स्तर पर जारी है. रेल विद्युतीकरण पूरा होते ही सीआरएस निरीक्षण के बाद रेल मंत्रालय की और से कभी भी विधुत रेल इंजन के लोकार्पण कार्यक्रम की घोषणा होने की उम्मीद लगायी जा रही है.
मालूम हो कि पहले 28 फरवरी को ही इलेक्ट्रिक इंजन को कारखाना से बाहर लाने की कयास व चर्चा जोड़ो पर थी. लेकिन रेल विद्युतीकरण कार्य पूरा नहीं होने की चुनौती को लेकर कार्यक्रम पर विराम लगने की बात सामने आ गयी थी. अब लोगों को आस लगी है कि कब पीएम मोदी का कोसी क्षेत्र में मधेपुरा की धरती पर इलेक्ट्रिक इंजन के लोकार्पण को लेकर आगमन होता है.
