पति के सहारे था जीवन, उसे भी ईश्वर ने छीना

सत्तरकटैया : जिस महिला की आधी उम्र बीत जाने के बावजूद कोई संतान न हो और उनके पति के साथ भी हादसा हो जाये, उसके जीवन में दुख की कल्पना भर ही की जा सकती है. बरहसेर वार्ड नंबर तीन निवासी सुदामा देवी की आधी उम्र बीत जाने के बाद भी कोई संतान पैदा नहीं […]

सत्तरकटैया : जिस महिला की आधी उम्र बीत जाने के बावजूद कोई संतान न हो और उनके पति के साथ भी हादसा हो जाये, उसके जीवन में दुख की कल्पना भर ही की जा सकती है. बरहसेर वार्ड नंबर तीन निवासी सुदामा देवी की आधी उम्र बीत जाने के बाद भी कोई संतान पैदा नहीं हुई. फिर भी उसके पति ने दूसरी शादी नहीं की. दोनों ने जीवन पर्यंत साथ साथ जीने मारने की कसमें खाई थी. लेकिन यह साथ भी छूट गया. उनके पति की मौत गत बुधवार की रात सड़क हादसे में हो गयी.

घटना की सूचना मिलते ही सुदामा बेसुध हो गयी. वह रो रोकर एक ही बात कहती थी कि ईश्वर ने उसे भी क्यों नहीं उठा लिया. बिना संतान और पति के इस उम्र में किसके सहारे जीना होगा. इस घटना से गांव वासियों को भी सदमा पहुंचा है. जिला पार्षद प्रियंका आनंद, पूर्व जिला पार्षद प्रवीण आनंद, जदयू के कार्यकारी महिला जिलाध्यक्ष निशा देवी, मुखिया लिली पांडेय, पूर्व मुखिया मनोरंजन पांडे आदि ने सांत्वना दी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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