कब्जा. कछार की जमीन पर भू-माफियाओं की पड़ गयी थी नजर
मोटी रकम लेकर बेच देते हैं जमीन या कच्चे या पक्के घरों का निर्माण कर लगा देते हैं किराये पर
सोनवर्षाराज : अंचल मुख्यालय स्थित तिलाबे नदी के पूर्वी भाग में बिहार सरकार की लगभग 38 एकड़ जमीन भू-माफियाओं ने संगठित रूप से कब्जे में ले ली है. तिलाबे नदी के पानी उतरने के साथ ही नदी के कछार की जमीन को हड़पने का सिलसिला प्रत्येक वर्ष की तरह प्रारंभ हो गया है. दबंगों द्वारा नदी की परती जमीन पर पानी उतरने के साथ बांस-बल्ला के सहारे कब्जा कर लिया जाता है. बाद में उक्त जमीन की बोली लगा कर उसे मोटी रकम लेकर या तो बेच दिया जाता है या फिर कच्चे या पक्के घरों का निर्माण कर किराये पर लगा दिया जाता है. मतलब माल महाजन का मिर्जा खेले होली. स्थिति यह है कि उक्त बेशकीमती भू-खंड पर बड़े-बड़े पूंजीपतियों की बड़ी-बड़ी बिल्डिंग खड़ी हो चुकी है.
दरअसल यह 38 एकड़ जमीन तिलाबे नदी के कटाव की दिशा बदलने की वजह से वर्षों से निकलती आ रही है. हाल यह है कि सुगमा-सोनवर्षा को जोड़ने वाले नये पुल के निर्माण के लिए अतिक्रमित जमीन को खाली कराने के लिए पुल निर्माता को अंचलाधिकारियों का सहयोग लेना पड़ रहा है. इसके बावजूद उजाड़े गये लोग पुन: उसी जमीन पर कब्जे में जुट गये हैं. यह सिलसिला कई वर्षों से चलता आ रहा है.
