दुस्साहस. विद्युतीकरण का तार हो रहा है चोरी, कर्मी परेशान
सहरसा : मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना में निर्माणाधीन पहला विद्युत रेल इंजन को कारखाना से बाहर निकाल पटरी पर दौड़ाने के लिए मानसी से सहरसा व मधेपुरा तक रेल विद्युतीकरण का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. मधेपुरा से सहरसा व मानसी रेलखंड तक विद्युतीकरण का काम भी लगभग पूरा होने को है. रेल पावर ग्रिड को लेकर कार्यरत एजेंसी इस निर्धारित रूट पर बिजली का खंभा लगाने के बाद अब विद्युत तार को दौड़ाने का भी काम लगभग पूरा करने की स्थिति में है. अब सहरसा जंक्शन के सभी ट्रैक को विद्युतीकरण से जोड़ने के लिए प्लेटफॉर्म एक व दो नंबर पर बिजली खंभा गाड़ने के लिए जगह-जगह प्लेटफॉर्म को तोड़ पोल लगाने की कवायद दिन रात तेजी से चल रही है.
ताकि जल्द विद्युत तार खंभा पर रेल इलेक्ट्रिक का काम पूरा किया जा सके. मिली जानकारी अनुसार, अगले महीने तक रेल विद्युतीकरण का काम पूरा करने के बाद रेलवे की कोशिश है कि मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना में तैयार इलेक्ट्रिक इंजन को देश के सामने प्रस्तुत करने के लिए पटरी पर दौड़ाने के बाद इंजन की गुणवत्ता को परखने का काम पूरा किया जा सके. ताकि उसके बाद साल में लगभग एक दर्जन इलेक्ट्रिक इंजन मधेपुरा कारखाना में तैयार कर देश के हर कोने तक पहुंचाया जा सके.
तार चोरी की समस्या अटका रही है रोड़ा : मधेपुरा से सहरसा व मानसी तक चल रहे रेल विद्युतीकरण के काम में तार चोरी कर काटने की समस्या काफी काम को समय पर पूरा करने में समस्या खड़ी कर रही है. मालूम हो कि मधेपुरा से सहरसा व मानसी तक के बीच विद्युतीकरण का काम पूरा होने से पूर्व अब तक कई जगह तार कटने व चोरी की वारदातों का मामला सामने आ चुका है. रेल विद्युतीकरण के लिए उपयोग की जा रही बेशकीमती कॉपर तार होने की वजह से चोरों की इस पर विशेष ध्यान रहता है. एक मीटर तार का वजन लगभग एक किलो से ज्यादा ही वजन होगा. जिसका बाजार मूल्य एक किलो का आठ सौ रुपये के लगभग बताया जा रहा है. तार चोरी की घटना को देखते हुए केएनपीएल कार्य एजेंसी द्वारा स्थानीय आरपीएफ में लिखित आवेदन देकर अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला भी दर्ज है. इस तरह की शिकायत के बाद आरपीएफ तार चोरी की घटना को लेकर काफी सजग तो हैं. लेकिन अकेले आरपीएफ के सहारे इस तरह की चोरी की घटना पर रोक लगाना रेल विद्युतीकरण के काम में काफी रोड़ा लटका रहा है. हालांकि आरपीएफ इंस्पेक्टर अर्जुन कुमार यादव रेल विद्युतीकरण के काम में तार चोरी से निबटने व चोरों की पहचान कर धर-पकड़ के उद्देश्य से सोमवार को सहरसा से धमारा तक रेल सेक्शन का दौरा कर जायजा लिया.
तार चोरी की घटना की शिकायत के बाद से ही आरपीएफ कार्य एजेंसी को पूरा सहयोग कर रही है. हर दिन सेक्शन दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का ख्याल आरपीएफ द्वारा रखा जा रहा है.
अर्जुन कुमार यादव, आरपीएफ इंस्पेक्टर
