प्रचार-प्रसार के अभाव में खाली जा रही है स्पेशल ट्रेन

सात बजे ट्रेन व एक दिन पहले रात नौ बजे सूचना यह रेलवे की सुस्ती है या खानापूर्ति सहरसा : एक तरफ दुर्गा पूजा के बाद लोगों की भीड़ अन्य प्रांत जाने के लिए स्टेशन पर मशक्कत करती नजर आती है. वहीं स्पेशल ट्रेन के नाम पर रेलवे का खानापूर्ति करना बदस्तूर जारी है. यात्रियों […]

सात बजे ट्रेन व एक दिन पहले रात नौ बजे सूचना

यह रेलवे की सुस्ती है या खानापूर्ति
सहरसा : एक तरफ दुर्गा पूजा के बाद लोगों की भीड़ अन्य प्रांत जाने के लिए स्टेशन पर मशक्कत करती नजर आती है. वहीं स्पेशल ट्रेन के नाम पर रेलवे का खानापूर्ति करना बदस्तूर जारी है. यात्रियों की भीड़ की सूचना पर त्योहार के बाद कई स्पेशल ट्रेन सहरसा से विभिन्न भागों में जाने के लिए चलायी गयी. लेकिन पूर्व से लोगों को जानकारी नहीं होने व प्रचार प्रसार के अभाव में यात्री इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. नतीजा यह होता है कि प्रतिदिन चलने वाली ट्रेन में यात्रियों की काफी भीड़ रहती है और स्पेशल ट्रेन में जिसको किसी माध्यम से जानकारी होती है, वह ही उसमें यात्रा कर पाते हैं. खासकर मजदूर तबका के लोग जानकारी के अभाव में जनसेवा में ही किसी तरह यात्रा करने को मजबूर होते हैं जबकि स्पेशल ट्रेन का अधिकांश बोगी में नाम मात्र के यात्री रहते हैं.
सात बजे ट्रेन व नौ बजे सूचना : रेलवे की उदासीनता का आलम यह है कि वह अपने स्तर से पूर्व से कोई प्रचार प्रसार कराना मुनासिब नहीं समझता है और न ही स्टेशन पर इससे संबंधित कोई जानकारी की उद्घोषणा की जाती है. इस कारण यात्री अनजान बने रहते हैं. ताजा मामला गुरुवार की रात सहरसा से अंबाला जाने वाली स्पेशल ट्रेन की है. गुरुवार की रात यह सात बजे खुलेगी और इसकी सूचना विधिवत बुधवार की रात लगभग नौ बजे दी गयी. जिससे स्थानीय अखबारों के माध्यम से भी लोगों को जानकारी नहीं मिल पायी.
पूर्व में भी खाली गयी है स्पेशल ट्रेन
बीते बुधवार को रेलवे के सुस्ती की वजह से सहरसा से हावड़ा गयी पूजा स्पेशल ट्रेन पूरी तरह से खाली रही और नाम मात्र का रिजर्वेशन ट्रेन में हुआ. जानकारी के अनुसार, बुधवार को 03164 सहरसा-हावड़ा पूजा स्पेशल ट्रेन खाली ही सहरसा से हावड़ा को रवाना हुई. बताया जाता है कि रेलवे की सुस्त प्रचार नीति का खामियाजा सहरसा-हावड़ा स्पेशल ट्रेन को उठाना पड़ा. यात्रियों के मुताबिक हर साल की यही स्थिति है, त्योहार से पूर्व स्पेशल ट्रेन की एनाउंसमेंट नहीं की जाती है और जब एकाएक त्योहार के दौरान भीड़ बढ़ जाती है, तो स्पेशल ट्रेनें चला दी जाती हैं. और उचित प्रचार-प्रसार के अभाव में ये ट्रेन खाली ही दौड़ती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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