कचरा डंपिंग यार्ड का भी निर्माण जरूरी
सहरसा : नगर में स्वच्छता को मिशन बनाने की आवश्यकता है. इसको लेकर नप के सदस्यों के अलावा कर्मियों को भी जागरूक होने की जरूरत है. शहर को स्वच्छ बनाने की कवायद जोर पकड़ चुकी है. पहले अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक ही शहर में पसरी गंदगी से निजात की बातें करते थे, लेकिन अब […]
सहरसा : नगर में स्वच्छता को मिशन बनाने की आवश्यकता है. इसको लेकर नप के सदस्यों के अलावा कर्मियों को भी जागरूक होने की जरूरत है. शहर को स्वच्छ बनाने की कवायद जोर पकड़ चुकी है. पहले अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि तक ही शहर में पसरी गंदगी से निजात की बातें करते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है. गली-मोहल्ले के नुक्कड़ पर भी लोग गंदगी व जलजमाव से निबटने की चर्चा कर रहे हैं. शहर में कचरा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है,
लेकिन डंपिंग यार्ड अभी तक नहीं बना है. इससे रमेश झा महिला कॉलेज से पानी टंकी तक व भारतीय नगर रोड में कचरा डंप किया जा रहा है. इस वजह से राहगीरों को इन रास्ते से गुजरने में दम घुटने की नौबत आ जाती है. इसके अलावा शहर में कई ऐसे जगह भी है,जहां महिनों से कचरा का उठाव नगर परिषद द्वारा नहीं किया गया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद को शीघ्र ही शहर में आवागमन सुविधा वाले जगह पर डंपिंग यार्ड का निर्माण कराना चाहिए. लोग कहते हैं कि कचरा निष्पादन से नप की आमदनी में वृद्धि भी हो सकती है.
प्लास्टिक का उपयोग करें वर्जित
महानगरों की अपेक्षा छोटे शहरों में लोग पॉलीथिन बेग का उपयोग ज्यादा कर रहे है. घरों में सब्जी, दूध सहित किराना सामान लाने के लिए प्लास्टिक बेग का उपयोग पर्यावरण के साथ-साथ स्वच्छता मिशन के लिए भी खतरनाक बन रहा है. स्थानीय व्यवसायी व ग्राहक के सहयोग से प्लास्टिक के प्रसार को रोका जा सकता है.
यह तस्वीर नया बाजार मोहल्ले की है. इसे हमारे पाठक केशव कुमार ने भेजी है. उन्होंने बताया कि सड़क किनारे कचरा फैलने से सड़क गंदी हो गयी है. सड़क पर पैदल चलना भी परेशानी का सबब बन रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नप का टीपर कभी भी नियमित नहीं आता है. लोगों ने बताया कि वार्ड पार्षद से भी कई बार मामले की शिकायत की गयी है. ज्ञात हो कि कचरा में प्लास्टिक बेग होने की वजह से हमेशा सड़कें गंदी ही रहती है. स्थानीय लोगों ने वार्ड नंबर तीन से नियमित कचरा उठाव कराने की मांग की है.
यह तस्वीर मारुफगंज रोड की है. यहां सड़क पर कचरा पसरा रहना आम बात बन कर रह गया है. कचरा होने की वजह से सड़कें अतिक्रमित होने लगी है. स्थानीय लोग बदबू की वजह से घरों की खिड़की को बंद रखा करते हैं. लोगों ने कहा कि कचरा की सफाई सड़कों से नियमित हो रही है, लेकिन उठाव की व्यवस्था में सुधार लाने की आवश्यकता है. नगर परिषद द्वारा वार्ड वार कैलेंडर बनाये जाने से टीपर का सही उपयोग किया जा सकता है. यह तस्वीर हमारे पाठक शिवेंद्र साह ने भेजी है.