11 हजार वोल्ट बिजली का तार गिरा, एक की मौत, दो जख्मी

सहरसा : बिजली विभाग की लापरवाही से शुक्रवार को शहर के डुमरैल चौक पर 11 हजार वोल्ट का तार गिरने से मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के परोकिया निवासी गुरू प्रसाद मंडल की मौत हो गयी. वहीं इसी गांव की उर्मिला देवी व विमला देवी जिंदगी व मौत से सदर अस्पताल में जूझ रही […]

सहरसा : बिजली विभाग की लापरवाही से शुक्रवार को शहर के डुमरैल चौक पर 11 हजार वोल्ट का तार गिरने से मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के परोकिया निवासी गुरू प्रसाद मंडल की मौत हो गयी. वहीं इसी गांव की उर्मिला देवी व विमला देवी जिंदगी व मौत से सदर अस्पताल में जूझ रही है. जानकारी के अनुसार गांव के गुरू प्रसाद मंडल, विमला देवी, उर्मिला देवी, किशोर कुमार, सुमित्रा देवी, सीताराम मुखिया, रतन देवी कारू स्थान महिषी पूजा करने के लिए सहरसा आये थे.

डुमरैल चौक पर अॉटो बायपास होकर जाने लगा तो सभी लोग अॉटों से उतर रहे थे. मृतक व दो महिला नीचे उतरी ही थी कि अचानक पोल पर स्पार्क हुआ और तार गिर गया. जिसकी चपेट में आने से तीनों बुरी तरह जख्मी हो गयी. किसी ने मामले की सूचना बिजली विभाग को दी. जिसके बाद आपूर्ति ठप की गयी. लोगों ने आनन फानन में सभी जख्मी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भरती कराया. जहां इलाज के दौरान गुरू प्रसाद मंडल की मौत हो गयी.

गश्ती टीम ने दिखायी सूझबूझ : जानकारी के अनुसार घटना के समय सदर थाना की गश्ती वाहन घटनास्थल पर ही मौजूद थी. पुअनि रूपचंद्र उरांव व जवान सड़क पर टहल रहे थे. अचानक तार गिरने व तीन लोगों को चपेट में आते देख उनलोगों ने हल्ला कर अन्य लोगों को अॉटो से उतरने की मनाही कर मामले की जानकारी सदर थानाध्यक्ष को देकर विद्युत आपूर्ति बाधित करने की बात कही. जिसके बाद आपूर्ति को ठप किया गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि गश्ती टीम वहां नही रहती तो शायद कई और जान भी जा सकती थी.
लोगों ने जाम कर जताया आक्रोश : घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा कर रोड जाम कर दिया. स्थानीय लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते कहा कि एक फैक्ट्री में कनेक्शन देने के लिए लुंज पुंज तरीके से तार को ले जाया गया. तार को पोल में बांधा भी नहीं गया था. विभाग के अधिकारी सिर्फ लोगों पर मामला दर्ज करने व जुर्माना लगाने तक ही अपना कर्तव्य समझते हैं. उन्हें उपभोक्ता की परेशानी व जर्जर तार व पोल को बदलने का समय नहीं है.
यदि अच्छी तरीके से तार को लगाया जाता तो शायद यह घटना नहीं होती. लोगों ने कहा कि शहर में कई जगहों पर 11 हजार व 440 वोल्ट का जर्जर तार गुजर रहा है. यदि समय रहते उसे बदला नही गया तो बड़ा हादसा हो सकता है. लोगों ने वरीय अधिकारियों से लोगों की समस्या का निदान करने की भी मांग की है.
घटना के बाद कार्यालय में पसरा सन्नाटा : घटना की जानकारी मिलते ही विद्युत विभाग के थाना चौक स्थित कार्यालय, समाहरणालय रोड स्थित कार्यालय में सन्नाटा पसर गया. जानकारी के अनुसार कर्मी व अधिकारी अनहोनी की आशंका से भयभीत होकर सभी कार्य को बंद कर एक जगह एकत्रित हो कर बैठे थे. उन्हें मौत के बाद लोगों के आक्रोश की चिंता सता रही थी. वही वरीय अधिकारी लगातार कनीय अधिकारी व कर्मी से मामले की पल पल की जानकारी ले रहे थे.
गुरुवार को ही पोल गाड़ कर उसपर 11 हजार वोल्ट का तार जोड़ा गया था. रात हो जाने के कारण तार को पोल से बांधा नहीं गया था. शुक्रवार को सभी कर्मी कार्य करने जा ही रहे थे कि घटना की जानकारी मिली. घटना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी. मृतक के परिजनों को चार लाख का मुआवजा राशि दी जायेगी.
मुकेश कुमार नंदन, कार्यपालक अभियंता

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