बाढ़ से तीन हजार 700 हेक्टेयर फसल बर्बाद, किसान हताश
छातापुर : अंचल क्षेत्र में बाढ़ के कारण पानी में डूब कर सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गया. पानी सुखने के बाद फसलों की हालत देखकर पीड़ित किसानों के चेहरे की रौनक गायब हो गयी है. अब मुआवजे की आस में पीड़ित किसान सरकार की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं. कुशहा त्रासदी से लेकर आज […]
छातापुर : अंचल क्षेत्र में बाढ़ के कारण पानी में डूब कर सैकड़ों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गया. पानी सुखने के बाद फसलों की हालत देखकर पीड़ित किसानों के चेहरे की रौनक गायब हो गयी है.
अब मुआवजे की आस में पीड़ित किसान सरकार की ओर टकटकी लगाये बैठे हैं. कुशहा त्रासदी से लेकर आज तक कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ की लगातार मार झेल रहे इलाके के किसानों की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गयी है. इतना ही नहीं आंधी व ओलावृष्टि के कहर ने भी कई बार फसलों को भारी नुकसान पहुंचा कर किसानों की कमर तोड़ दी है. हालांकि इस बार प्रखंड कृषि कार्यालय की माने तो अनुमानित नुकसान तकरीबन 03 हजार 700 हेक्टेयर का है.
33 प्रतिशत नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
प्रखंड कृषि पदाधिकारी नागेंद्र पूर्वे ने बताया कि खेत में लगे फसल के 33 प्रतिशत नुकसान होने पर ही फसल क्षति का मुआवजा सरकार के द्वारा देने का प्रावधान है. बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का आकलन कराया जा रहा है. शनिवार तक किसानों से आवेदन लेने के बाद सोमवार को प्रखंड कार्यालय के माध्यम से अंचल कार्यालय को पीड़ित किसानों की सूचि भेज दी जायेगी. ताकि सरकारी स्तर से मुआवजा मिल सके. बताया कि फसल नुकसान का आकलन को लेकर उन्होंने स्वयं भी कई इलाकों का भ्रमण किया है. किसान सलाहकार भी भौतिकी रूप से नुकसान का जायजा ले रहे हैं.
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