सहरसा में भी 151 करोड़ का गड़बड़झाला

सहरसा : सृजन विकास सहयोग समिति लिमिटेड भागलपुर की मिलीभगत से राशि हेराफेरी मामले की जांच कर जिला की चार सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट जिलाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल को सौंप दी है. गठित चार सदस्यीय टीम के अध्यक्ष सह अपर समाहर्ता धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि टीम के सदस्य डीआरडीए निदेशक रंजीत कुमार, एलडीएम […]

सहरसा : सृजन विकास सहयोग समिति लिमिटेड भागलपुर की मिलीभगत से राशि हेराफेरी मामले की जांच कर जिला की चार सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट जिलाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल को सौंप दी है. गठित चार सदस्यीय टीम के अध्यक्ष सह अपर समाहर्ता धीरेंद्र कुमार झा ने बताया कि टीम के सदस्य डीआरडीए निदेशक रंजीत कुमार, एलडीएम आरके चौधरी, ट्रेजरी ऑफिसर राज कुमार व प्रधान सहायक कुंदन कुमार सिन्हा के साथ हेराफेरी मामले की जांच के दौरान पूरब बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा जाकर बैंक मैनेजर से जानकारी ली.

जानकारी अनुसार 2015 में 151 करोड़ राशि सृजन के खाते में गयी, लेकिन यह राशि पुन: विशेष भू-अर्जन कार्यालय के खाते में लौट गयी.

सहरसा में भी…
अाधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2012-13 में सृजन के खाते में विशेष भू-अर्जन कार्यालय की 151 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गयी थी जो वर्ष 2015 में विशेष भू-अर्जन कार्यालय के खाते में लौटी. इससे वापस हुई राशि के ब्याज की क्षति अवश्य हुई है. वहीं जिलाधिकारी ने जांच दल को सभी सरकारी खाते की जांच का निर्देश भी दिया था.
इसकी जांच कर टीम ने जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दी है. अभी तक प्रशासनिक महकमे से छन कर आ रही जानकारी अनुसार जिले में इस तरह का कोई घोटाले सामने नहीं आया है. मालूम हो कि भागलपुर में सृजन सहयोग समिति लिमिटेड द्वारा गबन का मामला सामने आने पर मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को सभी सरकारी खाते जांचने की बात कही थी. इस आलोक में जिले में भी जांच करायी गयी है. मामले में सहरसा के अपर समहर्ता सह जांच कमेटी के सदस्य धीरेंद्र कुमार झा ने कहा कि करेंट अकाउंट में मामूली ब्याज होता है, इसीलिए ब्याज तो नहीं लेकिन दो साल तक बैंक ने राशि का क्या किया, यह जरूर जांच का विषय है. इसकी जांच शुरू कर दी गयी है.
सरकारी राशि की हर माह जांच कर वित्त विभाग को देनी होगी जानकारी
पटना. उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने राज्य के सभी प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त व जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने कार्यालय के सभी बैंक खातों का अद्यतन बैंक स्टेटमेंट प्राप्त कर रोकड़ बही से उसका मिलान करा लें. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाये जाने पर दोषी व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी. सरकार ने यह कदम भागलपुर में सरकारी राशि के घोटाले के बाद उठाया है. इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश दिया गया है. सभी डीएम को अविलंब ऐसी जांच कराकर प्रमाण पत्र जल्द ही मुख्यालय को भेजने का आदेश दिया गया है. साथ ही भविष्य में बैंक खातों में जमा सरकारी राशि की शुद्धता की जांच नियमित रूप से प्रत्येक माह कराकर वित्त विभाग को सूचित करने की सलाह दी गयी है.

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