उपकारा के बंदियों ने दी भूख हड़ताल की धमकी

कुव्यवस्था को लेकर कैदियों ने जेल प्रशासन को दिया आवेदन वीरपुर : वीरपुर उपकारा में बंद विचाराधीन कैदियों ने जेल प्रशासन पर कैदियों के साथ नियम की अनदेखी कर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. जेल की व्यवस्था से नाराज कैदियों ने जेल प्रशासन को आवेदन देकर उपकारा में व्याप्त अनियमितता को दूर करने के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

कुव्यवस्था को लेकर कैदियों ने जेल प्रशासन को दिया आवेदन

वीरपुर : वीरपुर उपकारा में बंद विचाराधीन कैदियों ने जेल प्रशासन पर कैदियों के साथ नियम की अनदेखी कर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है. जेल की व्यवस्था से नाराज कैदियों ने जेल प्रशासन को आवेदन देकर उपकारा में व्याप्त अनियमितता को दूर करने के लिए तीन घंटे का अल्टीमेटम दिया है. कैदियों ने कहा है कि यदि जेल प्रशासन कैदियों की मांग को पूरा नहीं करती, तो जेल में व्याप्त कुव्यवस्था के विरोध में वे भूख हड़ताल पर चले जायेंगे.
मालूम हो कि वीरपुर उपकारा में 57 विचाराधीन कैदी है. कैदियों का आरोप है कि विचाराधीन कैदी का मामला न्यायालय में लंबित है, लेकिन जेल प्रशासन ने न्यायालय के फैसले से पूर्व ही कैदियों को सजा तय कर दी है. कैदियों ने कहा की जेल में बरसों से चिकित्सक पदस्थापित नहीं है. इसके कारण बीमारी की वजह से कैदियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है. हाल के दिनों में एक चिकित्सक की पदस्थापना भी हुई, लेकिन वे पढ़ाई के लिए बाहर चले गये हैं. इसके कारण कैदियों को चिकित्सीय सुविधा समय पर नहीं मिल पाती है. इसी प्रकार का हाल उपकारा के नाई का भी है. कैदियों ने आरोप लगाया है
कि उपकारा में कैदियों की हैसियत के अनुसार जेल प्रशासन सुविधा मुहैया कराता है. रसूखदार कैदियों को विशेष सुविधा दी जाती है. जबकि सामान्य कैदियों को मिलने वाला भोजन खाने लायक नहीं रहता है. कैदियों ने कहा है कि जेल में व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर जब कैदियों द्वारा आवाज उठायी जाती है, तो जेल प्रशासन जांच के नाम पर कैदियों के साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करता है. इस बाबत वीरपुर उपकारा के जेल उपाध्यक्ष सह भूमि उपसमाहर्ता इफ्तेखार अहमद ने बताया कि रात को सोने के समय जब जेलर मिथिलेश कुमार द्वारा बंदी गृह की जांच की जा रही थी, तो सुपौल से आये तीन नये कैदी के साथ जेलर मिथिलेश कुमार ने गाली-गलौज और अभद्र भाषा का प्रयोग किया. उक्त मामले की जांच की जा रही है. कैदियों को जेल नियमावली के तहत सुविधा दी जा रही है, हालांकि जेलर मिथिलेश कुमार ने गाली-गलौज और अभ्रद भाषा का प्रयोग करने की बात से इनकार किया है.
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