Rupesh Singh Murder Case: इंडिगो के स्टेशन मैनेजर रूपेश सिंह की हत्या कांड मामले में पटना पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया. पुलिस के मुताबिक, इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस को रोडरेज की घटना के कारण अंजाम दिया गया. पुलिस ने हत्या का कारण हत्याकांड की जो कहानी साझा की है उस पर सवालिया निशान लग गया है. लालू यादव की पार्टी राजद ने ट्वीट किया- आखिर बकरा मिल ही गया नीतीश कुमार जी!
वहीं इस हत्याकांड में पुलिस के खुलासे के बाद रूपेश के परिजन हैरत में है. रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की थ्योरी को मानने से रूपेश के परिजनों ने इंकार कर दिया है और कहा है कि हत्या की साजिश रची गई है.
कहा कि रोडरेज जैसी घटना का गुस्सा इतना भयावह और इतने दिनों तक नही रहता. रूपेश के भाई नंदेश्वर सिंह ने साफ तौर पर कहा कि जिस तरह से हत्यारों ने रूपेश की हत्या के बाद साक्ष्य को खत्म कर दिया ऐसे में इसे रोडरेज से जोड़कर देखना गलत है.
बता दें कि रूपेश हत्याकांड में पटना एएसएसपी उपेंद्र शर्मा ने कहा कि रूपेश सिंह की हत्या में चार लोग शामिल थे. उनके मुताबिक, आरोपी ऋतुराज ने बताया कि नवंबर के महीने में रूपेश सिंह की गाड़ी से हत्यारों के बीच रोडरेज की घटना हुई थी. इसके बाद से ही आरोपी ने रूपेश की हत्या के प्लान में जुट गया था. कई दिनों तक कार का पीछा किया. 12 नंवबर को उसने अपने तीन साथियों की मदद से रूपेश जब अपने अपार्टमेंट के पास पहुंचे तो आरोपी ने पिस्टल से छह गोली मारी.
क्यों उठ रहे सवाल
रूपेश हत्याकांड खुलासे में कई अहम सवाल हैं जो पुलिस की थ्योरी से मैच नहीं हो पा रहे. सीधे-सीधी कहें तो सवालों के जवाब फिलहाल नहीं है. पहला सवाल तो यही कि जिसने आज तक गोली नहीं चलाई, उसने शार्प शूटर की तरह पूरी छह गोली रूपेश सिंह पर दाग दीं?
पुलिस के मुताबिक भी रूपेश को 6 गोलियां लगीं और ऋतुराज की पिस्टल से भी छह गोलियां ही फायर हुई. दूसरा सवाल ये कि अगर ऋतुराज पटना से रांची फरार हो गया था तो फिर वह पटना क्यों लौटा. तीसरा सवाल ये कि हत्याकांड के इतने दिन बाद भी आरोपी ने अब तक हथियार, वारदात में इस्तेमाल कपड़े और चोरी की बाइक तक अपने ही घर में रख रखी थी.
क्या वो पुलिस की छापेमारी का इंतजार कर रहा था? आमतौर पर अपराध के मामलों में आरोपी ऐसा नहीं करता. पुलिस की अब तक की थ्योरी पर भी सवालिया निशान हैं. जो इस मर्डर केस को कॉन्ट्रैक्ट किलर्स से जोड़ रहे थे.
Posted By: Utpal kant
