सामान्य होने लगी स्थिति

बैंकों के अंदर व बाहर छोटी हो रही कतार सासाराम शहर : नोटबंदी के बाद पहली तारीख को बैंकों में स्थिति सामान्य रही. एक तारीख होने की वजह से बैंकों की शाखाओं में पेंशन व वेतन निकासी के लिए भी लोगों की भीड़ सुबह से ही जुटनी शुरू हो गयी थी. सुबह बैंक खुलते ही […]

बैंकों के अंदर व बाहर छोटी हो रही कतार
सासाराम शहर : नोटबंदी के बाद पहली तारीख को बैंकों में स्थिति सामान्य रही. एक तारीख होने की वजह से बैंकों की शाखाओं में पेंशन व वेतन निकासी के लिए भी लोगों की भीड़ सुबह से ही जुटनी शुरू हो गयी थी. सुबह बैंक खुलते ही लोग निकासी व जमा करने के लिए कतार में खड़े हो गये.
अन्य दिनों के अपेक्षा बैंकों में कम भीड़ होने से लोगों ने राहत की सांस ली. ग्राहकों ने एक-एक कर के अपनी खाते से जमा व निकासी की. बैंककर्मी भी ग्राहकों की सुविधा का ख्याल रखते हुए अपनी कर्तव्यों के निर्वहन में जुटे रहे. नोटबंदी के करीब 22 दिन के बाद शहर के बैंकों में स्थिति सामान्य होने लगी है. बैंकों के बाहर व अंदर अब कतार छोटी हो गयी है. कल तक जो लोग सुबह से लेकर शाम तक बैंकों में कतार में खड़े हो पैसे निकासी व जमा करने के लिए दिन भी परेशान रहते थे. अब उनकी परेशानी पहले से काफी कम हो गयी है. बैंकों में भीड़ की स्थिति सामान्य होने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचने वाले वृद्धापेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन वाले लाभुकों को पैसे की निकासी में सहूलियत होने लगी है. एसबीआइ के एटीएम से भी लोगों को निकासी के लिए ज्यादा देर तक कतार में खड़ा नहीं होना पड़ रहा है. एसबीआइ की मुख्य शाखा में सुबह 10 बजे से ही बैंकिंग का कार्य शुरू हो गया था. लोगों को निकासी व जमा करने के लिए ज्यादा देर तक कतार में खड़ा नहीं होना पड़ा.
बैंकों में भी की गयी थी तैयारी: पहली तारीख होने के वजह से ग्राहक सुबह से ही ऊहापोह में थे कि बैंक का काम आसानी से हो पायेगा या नहीं. लेकिन, जैसे ही बैंक का ताला खुला सुरक्षाकर्मी चुस्ती के साथ लोगों को कतार में लगाने में जुट गये. बैंकों द्वारा भी पहले से पूरी तैयारी की गयी थी. दोपहर होते-होते भीड़ कम होने लगी. राशि जमा व निकासी का कार्य आसानी से होते हीं ग्राहकों के चेहरे पर खुशी दिखने लगी.
खुदरा के चलते काॅस्मेटिक्स का धंधा पड़ा मंदा: लगन में शादी की तैयारी जोर-शोर से चल रही है. बावजूद इसके महिलाओं में काफी निराशा देखी जा रही है. बड़े नोटों पर रोक के बाद बाजार से फुटकर ऐसा गायब हो गया है कि महिलाएं सजने-संवरने को सौंदर्य प्रसाधन तक नहीं जुटा पा रही हैं. महिलाओं का कहना है कि गुल्लक व कुछ खर्चे काट कर खुदरा बचायी थीं जो सप्ताह भर में खत्म हो गया. अब दो हजार रुपये का नोट ही एटीएम से मिल रहा है. ऐसे में खुदरा न होने के चलते चूड़ी, बिंदी व ब्यूटी क्रीम तक नहीं ले पा रही हैं.
गौरक्षणी निवासी पार्वती देवी, दिव्या आदि ने बताया कि जिस दुकान पर खरीदारी को जाती हैं, वहां खुदरा ही नहीं मिलता. इसके चलते शादियों में जाने के लिए पुराने सौंदर्य प्रसाधन से ही काम चलाना पड़ रहा है. मीना बाजार क्षेत्र में काॅस्मेटिक्स के दुकानदार आनंद प्रजापति ने बताया कि नेल पालिश, लिपस्टिक, पाउडर, परफ्यूम, हैंगिंग, चूड़ी, बिंदी, बनावटी पायल व ब्यूटी क्रीम की इस सीजन में ज्यादा मांग रहती थी लेकिन इस बार बाजार काफी ठंडा है. ग्राहक तो आ रहे हैं, लेकिन फुटकर न होने के चलते बिक्री नहीं हो पा रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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