सासाराम शहर : रेल यात्रियों को बेहतर खानपान सामग्री मुहैया कराने के लिए आइआरसीटीसी अब स्वयं सहायता समूहों को इ-कैटरिंग में जोड़ेगा. इसके लिए पहल शुरू हो गयी है. जनवरी 2017 तक नाबार्ड की मदद से ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया जायेगा. प्रशिक्षित लोगों को ट्रेनों में भोजन सप्लाई का कार्य दिया जायेगा. इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म काॅरपोरेशन (आइआरसीटीसी) ने साल भर पहले से इ-कैटरिंग सेवा शुरू की है. इस व्यवस्था में यात्री अपनी यात्रा के दौरान ऑनलाइन भोजन बुक करते हैं. वह पैसे का भुगतान ऑनलाइन या नकद भी कर सकते हैं. इसमें यात्रियों को डोमिनोज, हल्दीराम, केएफसी आदि लोकप्रिय फूड कंपनियों का भोजना मिलता है. दिनों दिन ई-कैटरिंग की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. अब यात्री क्षेत्रीय भोजन की मांग करने लगे हैं. इसके लिए आइआरसीटीसी ने स्वयं सहायता समूहों को जोड़ने की पहल की है.
हाल ही में नाबार्ड के सहयोग से इसको लेकर एक प्रयोग भी हुआ जो सफल रहा. स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को खानपान सामग्री बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी. वहां से ट्रेंड होने के बाद उनको आइआरसीटीसी से जोड़ लिया जायेगा. इ-कैटरिंग की वेबसाइट पर एनजीओ का विकल्प रहेगा और फिर यात्री उससे भोजन का आर्डर कर सकेंगे. इससे तमाम महिलाओं को रोजगार मिलेगा और यात्रियों को क्षेत्रीय खाना मुहैया हो सकेगा.
