पुलिस की चुप्पी से हत्या की वजह पर अभी भी बना है संशय
लोगों में चर्चा, कहीं किसी दबाव में तो नहीं है पुलिस
सासाराम : तारीख दर तारीख बित रही है. पुलिस प्रशासन के तमाम दावों पर एक बार पुनः लोग आशंकित है. आशांन्वित होने के लिए अभी तक पुलिस अनुसंधान में ऐसा ठोस खुलासा भी नहीं हुआ. कारण चाहे जो भी रहा हो लेकिन इस हाइप्रोफाइल हत्याकांड में संलिप्त अपराधियों तक पुलिस का अभी तक नहीं पहुंचता लोगों में संशय उत्पन्न कर रहा है. हालांकि, हत्या के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जिन पांच अपराधियों को गिरफ्तार की उन से पुलिस ने कई दिनों तक अपने तरीके से पूछताछ की. विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ में अपराधियों ने कई राज उगले है. लेकिन, हत्या के 11 दिन बाद भी राज अभी तक राज ही है. वहीं, मुख्य साजिशकर्ता पप्पू सिंह को दो दिन तक रिमांड पर ले कर पुलिस ने गहन पूछताछ भी की थी.
उस ने पुलिस के समक्ष हत्या में अपनी संलिप्तता भी स्वीकारी थी. अब सवाल यह उठता है कि उसने पत्रकार धर्मेंद्र की हत्या क्यों और किस लिए करवायी. वजह चाहे जो भी हो पुलिस अभी भी अनुसंधान कर रही है. लेकिन इस हत्याकांड के अनुसंधान और पुलिस की पकड़ से तीन मुख्य शूटरों का अभी तक नहीं पकड़ा जाना अनगिनत सवाल को जन्म दे रहा है. परिजनों का आरोप है कि हो सकता है सरकार के दबाव में पुलिस को दिवंगत पत्रकार की पत्नी रिंकू देवी कहती है कि मुख्य शूटर सुजीत सिंह की गिरफ्तारी न होना सरकार व पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है. हालांकि, पुलिस अनुसंधान में हत्या के कारणों का शीघ्र निबटारा करने का दावा अभी भी कर रही है. गिरफ्तार अपराधियों व मुख्य साजिशकर्ता पप्पु सिंह से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस काम करने की बात तो कह रही है. लेकिन, गति पर आम जन से ले कर परिजन तक संदेह कर रहे है. बहरहाल जो भी हो हत्या के दो सप्ताह बाद भी मुख्य शूटर सुजीत सिंह, अजय शर्मा और अनिल सिंह आखिर कहां छिपे है. कि पुलिस उन तक नहीं पहुंच पा रही है.गौरतलब हो कि 12 नवंबर को घर से टहलने निकले दिवंगत पत्रकार धर्मेंद्र कुमार की हत्या अमरा तालाब स्थित चाय दुकान पर कर दी गयी थी. जो इलाज के लिए जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिये थे.
हत्याकांड के आरोपित को नहीं मिली जमानत
सासाराम कोर्ट. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय द्वारा पत्रकार धर्मेंद्र सिंह के हत्या आरोपित करगहर थाना क्षेत्र के रीवां गांव निवासी राधिका रमण की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी गयी. गौरतलब है कि 12 नवंबर की सुबह अपराधियों द्वारा सुबह में अमरा तालाब पर गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी. उक्त मामले में न्यायालय द्वारा पूर्व में विकास चंद्रवंशी की जमानत अर्जी खारिज की जा चुकी है.
