चकवारा व गेवाली गांवों में पगडंडी ही सहारा

बरसात में पानी जमा हो जाने से लोगों को आने जाने में होती परेशानी रोह : आजादी के 70 साल बाद भी रोह प्रखंड के चकवारा व गेवाली गांव जाने के लिए सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है. इसके कारण गांव के लोग पगडंडी के सहारे आने-जाने को विवश हैं. प्रखंड मुख्यालय से चकवारा […]

बरसात में पानी जमा हो जाने से लोगों को आने जाने में होती परेशानी
रोह : आजादी के 70 साल बाद भी रोह प्रखंड के चकवारा व गेवाली गांव जाने के लिए सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है. इसके कारण गांव के लोग पगडंडी के सहारे आने-जाने को विवश हैं. प्रखंड मुख्यालय से चकवारा व गेवाली गांव की दूरी चार से पांच किलोमीटर है. बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ व पानी भरा होता है. इसके कारण मरीजों को लाने में काफी समय लग जाता है.कभी-कभी तो मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं.
गेवाली जाने के लिए पइन के पगडंडी के सहारे लोग आवागमन करते हैं. कभी-कभी तो वर्षा होने से पगडंडी पर पानी जमा हो जाता है. स्थानीय लोगो का कहना है बरसात के दिनों में दो पहिया वाहन को किसी दूसरे स्थान पर रख कर कच्ची सड़क के सहारे पैदल जाना पड़ता है. अभी बरसात में गांव जाने के लिये खेतों का मेढ एक मात्र सहारा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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