जीटी रोड से शहर की गलियों तक जमा हुआ तीन फुट पानी
मुख्य बाजार की स्थिति नारकीय
सासाराम (नगर) : आठ दिन बाद हुई बारिश से शहरवासियों की परेशानी फिर बढ़ गयी है. शहर के सभी नाले उफान पर हैं. नाले से निकले कीचड़ सड़क व गलियों में फैल गये हैं. शनिवार की सुबह 8.30 बजे तेज बारिश शुरू हुई. लगभग एक घंटे तक मुसलाधार बारिश के बाद 12 बजे तक रूक-रूक कर कभी तेज कभी धीरे बारिश होती रही. पुरानी जीटी रोड से ले कर शहर के अंदर गलियों में दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया है. दो घंटे बाद जब नालियों का पानी कम हुआ, तो सड़कों पर कीचड़ फेल गया. लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया. शहर का मुख्य बाजार धर्मशाला पथ से गोला बाजार तक नारकीय स्थिति हो गयी है. सदर अस्पताल, समाहरणालय परिसर, पशुपालन विभाग, बिजली विभाग सभी जगह पहले की तरह जलजमाव हो गया है.
इन इलाकों में घर से निकलना मुश्किल: शहर के अंदर चौखंडी पथ, गुदड़ी, खिलनगंज, गौरक्षणी मुहल्ला के गजराढ़, यादव टोला, प्रेमचंद पथ, गोपालगंज, न्यू एरिया, नूरनगंज, जगदेव नगर आदि मुहल्लो में लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है. अभी व बारिश होने की संभावना है. थोड़े दिनों की राहत के बाद एक बार फिर लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. नगर पर्षद भी चैन से था. बारिश शुरू होते ही नप की बेचैनी बढ़ गयी है. सबसे ज्यादा परेशानी शहर के वार्ड नंबर34 व 35 में है. नयी बस्ती है. न सड़क और न ही नाली बनी है. खेत व पगडंडियों से हो कर लोग अपने घरों तक जाते है. बारिश होने पर पहाड़ी का पानी आ कर इन दो वार्डों में जमा हो जाता है. शनिवार को भी यही हुआ. पहले से जमा पानी अभी निकला नहीं था कि दोबारा पानी जमा हो गया. अब तो इन लेागों को पहले से ज्यादा दुश्वारियों का सामना करना पड़ेगा. इधर, आठ दिनों तक मिले गैप में नगर पर्षद जलजमाव की निकासी के लिए प्रयास ही नहीं की.
स्थायी समाधान जरूरी : शहर के जिन क्षेत्रों में जलजमाव है. उस क्षेत्र के बच्चों को स्कूल जाने में बहुत परेशानी हो रही है. अभिभावक छोटे बच्चों को कंधे पर बीठा मुख्य सड़क तक पहुंचा देते हैं, जो छात्र थोड़े बड़े हैं उनको जूता व पैंट हाथ में ले कर गलियों से निकलना पड़ रहा है. आखिर ये कब तक चलेगा. अभी एक माह तक बरसात लोगो को झेलना है. एक दिन की बात नहीं है. अगर इस का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और बिगड़ती जायेगी. डीएम के कड़ी फटकार से नप हरकत में आया था. शहर में जल जमाव पर डीएम अनिमेष कुमार पराशर नप के कार्यपालक पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाये थे. फटकार के बाद कार्यपालक पदाधिकारी ने इसकी भी काट निकाल ली. सबसे पहले समाहरणालय परिसर से जल निकासी की व्यवस्था बनाया. उसके साथ सदर अस्पताल में जमे पानी को मोटर पंप से निकाला. शहर के अंदर के मुहल्लों में जमे पानी की निकासी का प्रयास भी नहीं किया गया.
