सड़क पर ही जमा हो जाता नालियों का कचरा भी
डेहरी ( सदर) : नगर पर्षद क्षेत्र के वार्ड 22 में सफाई के अभाव में अधिकतर नालियां बजबजा रही है. नालियों की सफाई नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी जमा हो जाता है. इसके कारण वार्डवासियों गंदा पानी से ही जाना पड़ रहा है. उक्त वार्ड में पड़नेवाले आंबेडकर चौक की हालत जर्जर है. चौक से सटे सिंचाई विभाग की जमीन पर महादलित बस्ती है. महादलित बस्ती से सटे नप द्वारा एक नाला का निर्माण किया गया था. बाकी महादलित बस्ती का गंदा पानी नाली का सफाई नहीं होने के कारण चौक के पास गंदा पानी बहता रहता है. इसके कारण आये दिन उक्त चौक से आनेवाले फिसल कर अक्सर गिर जाते हैं.
ऐसे तो उक्त वार्ड में सड़कें व नालियों का पक्कीकरण हो गया है. लेकिन, सफाई के अभाव में नालियां ओवरफ्लो होने से कई गलियों की सड़कों पर गंदा पानी जमा रहता है. इसके कारण उक्त वार्ड में सटे मसजिद में नमाज अदा करने वाले को गंदे पानी से हो कर जाना पड़ रहा है. पार्षद की मानें, तो अपने 10 साल के कार्यकाल में लाखों रुपये की लागत से रोड व नाला का काम किया है.
इस वार्ड में मतदाताओं की संख्या 1250 है. कुल जन संख्या तीन हजार है. उक्त वार्ड में दो उर्दू विद्यालय व एक हिंदी मध्य विद्यालय है. उक्त वार्ड में 20 सोलर लाइट है. इसमें से पांच खराब है. उक्त वार्ड से एक निजी अस्पताल है. जो शहर का रीढ़ माना जाता है. दो आंगनबाड़ी है. उक्त वार्ड की चौहदी उत्तर में वार्ड 23, दक्षिण में पुरानी जीटी रोड सड़क, पूरब में वार्ड 34 का बाइट, पश्चिम में आरा मुख्य नहर है़
नालियों की सफाई नहीं होने से सड़क पर पसरा नालियों का पानी.
आज वार्ड 23 में
शहर के वार्ड नंबर 23 में प्रभात खबर की टीम रविवार को 11 से 12 बजे तक वहां की समस्याओं का स्कैन करेगी.
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मुख्य नाला का तो निर्माण हुआ, लेकिन सफाई के अभाव में गंदा पानी निकासी की समस्या बनी रहती है. लोगों को गंदगी से ही जाना पड़ता है.
इंद्रासनी देवी
उक्त वार्ड में नाली की सफाई की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है. बदबू के कारण रहना मुश्किल हो गया है. सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनों में होती है.
शिल्पी सिंह
लाल कार्ड है इस पर राशन नहीं मिलता है. बुढ़ापे का वहीं सहारा था वह भी अब बंद हो गया है. कई बार पार्षद से कहा, लेकिन कोई ध्यान नहीं है.
तजमुल अंसारी
