सब कुछ बरबाद हो गइल, घरे जा के का करब
अकोढ़ीगोला : सब कुछ बाढ़ में बरबाद हो गइल अब घर जाके का करब. का खाइब कैसे रहब, सब त ई सोन के बाढ़ में चल गइल़ यह बातें पडुहार के सोन के टीले पर बाढ़ में फंसी एक महिला ने बचाने के लिए वोट लेकर पहुंची एसडीआरएफ की टीम को बताते हुए महिला ने बाहर जाने से इनकार कर दिया. एसडीआरएफ टीम के साथ सोन के टीले पर पहुंचे दरिहट थानाध्यक्ष राजीव रंजन, नासरीगंज थानाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह, मुखिया हरिद्वार प्रसाद ने बाढ़ में पूनिया कुंवर, बुटन चौधरी व सुरेश चौधरी को समझा बुझा कर सोन के टीले से वोट पर सवार करा बाहर निकाला.
तीनों तीन दिन से बाढ़ में सोन के टीला पर फंस गये थे. भूखे प्यासे टीले पर स्थित 33 हजार वोल्ट तार के खंभे पर बास का चाचर से अपना आसियान बनाया था. पूनिया सोन के टीला पर अमरूध का बगीचा लगायी थी और एक एकड़ जमीन पर परवल लगायी थी. इसकी रखवाली करने में बाढ़ में फंस गयी. वहीं दो और लोग भी फंसे थे.
