शिक्षा मंत्री पर कमीशन का आरोप लगाना पड़ा भारी, आरजेडी नेता को इस दिन कोर्ट में होना होगा पेश

Mithilesh Tiwari: गोपालगंज कोर्ट ने RJD के पूर्व विधायक प्रेम शंकर यादव को मानहानि मामले में समन जारी किया है. 2022 में उन्होंने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए थे. अदालत ने उन्हें 5 जून को पेश होने का आदेश दिया है.

Mithilesh Tiwari: राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक प्रेम शंकर यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. गोपालगंज कोर्ट ने एक मानहानि मामले में उनके खिलाफ समन जारी किया है. यह मामला साल 2022 में सोशल मीडिया पर दिए गए एक बयान से जुड़ा हुआ है.

शुक्रवार को गोपालगंज के एसीजेएम-1 गोपाल प्रसाद की अदालत ने मामले में संज्ञान लेते हुए प्रेम शंकर यादव को 5 जून को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि तय तारीख पर उपस्थित नहीं होने या जमानत नहीं लेने की स्थिति में मामले का ट्रायल शुरू किया जा सकता है. दोष साबित होने पर सजा भी हो सकती है.

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ मामला

जानकारी के मुताबिक 17 अक्टूबर 2022 को बैकुंठपुर के तत्कालीन विधायक प्रेम शंकर यादव ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया था. उस बयान में उन्होंने बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी पर नारायणी रिवर फ्रंट निर्माण कार्य में 40 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया था.

इसके साथ ही बयान में जातीय तनाव बढ़ाने वाली टिप्पणी किए जाने का भी आरोप लगा. इसी को लेकर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की तरफ से गोपालगंज कोर्ट में मानहानि का केस दायर कराया गया था.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

कोर्ट ने जारी किया समन

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला बनता पाया. इसके बाद कोर्ट ने पूर्व विधायक प्रेम शंकर यादव के खिलाफ समन जारी कर दिया.

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के वकील राजेश पाठक ने बताया कि अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी को कोर्ट में सदेह उपस्थित होने का निर्देश दिया है. अब अगली सुनवाई में पूर्व विधायक की तरफ से जवाब दाखिल किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें: क्या IPL में दिखेगी बिहार की टीम? अनिल अग्रवाल की मांग पर सम्राट चौधरी ने कही ये बात

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >