Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. 16 मार्च को होने वाले मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीतिक किलाबंदी तेज कर दी है.
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बिहार, हरियाणा और ओडिशा जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नामों का एलान कर दिया है. बिहार की कमान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और एक केंद्रीय मंत्री के हाथों में सौंपी गई है.
16 मार्च को होगा राज्यसभा चुनाव
राज्यसभा चुनाव के तहत 16 मार्च को बिहार, हरियाणा और ओडिशा में मतदान होना है. इन राज्यों में राजनीतिक समीकरण काफी दिलचस्प माने जा रहे हैं. हरियाणा और ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन दिया है, जबकि बिहार में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है.
बिहार के लिए दो सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त
भाजपा नेतृत्व ने बिहार के लिए दो वरिष्ठ नेताओं को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है. इनमें छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और केंद्र सरकार में राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा शामिल हैं. पार्टी का मानना है कि दोनों नेताओं का संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक समझ चुनावी प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संचालित करने में मदद करेगा.
हरियाणा और ओडिशा के लिए भी तय हुई जिम्मेदारी
हरियाणा के लिए गुजरात सरकार के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सेंट्रल ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है. वहीं ओडिशा में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. भाजपा नेतृत्व का कहना है कि इन नेताओं के अनुभव से चुनावी प्रबंधन मजबूत होगा.
रणनीति और अनुशासन पर रहेगा फोकस
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इन नियुक्तियों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया के दौरान पार्टी की रणनीति, समन्वय और अनुशासन को प्रभावी तरीके से लागू करना है.
इन राज्यों में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है और क्रॉस वोटिंग की संभावना भी जताई जा रही है. ऐसे में पार्टी ने सेंट्रल ऑब्जर्वर की नियुक्ति कर चुनावी रणनीति को और मजबूत करने की कोशिश की है.
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