Railway Track Bridges Monitoring: मॉनसून के बीच पूर्व मध्य रेलवे पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. ऐसे में अब दानापुर, सोनपुर, समस्तीपुर, धनबाद और पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) रेल मंडलों में रेलवे ट्रैक, पुल-पुलियों और पानी निकालने की व्यवस्था की 24 घंटे निगरानी की जाएगी. इस पहल का उद्देश्य बारिश की वजह से कहीं भी रेल परिचालन प्रभावित नहीं होना और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाना है.
इन पुलों पर ज्यादा फोकस
सबसे ज्यादा फोकस उन रेल पुलों पर है, जहां से गंगा और सोन जैसी बड़ी नदियां गुजरती हैं. नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कोईलवर रेल पुल, दीघा-सोनपुर जेपी सेतु और राजेंद्र सेतु पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी. रेलवे के इंजीनियरिंग और परिचालन विभाग हर दिन इन पुलों और ट्रैक की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, ताकि किसी भी खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके.
ये सभी की गईं व्यवस्थाएं
जानकारी के मुताबिक, ना सिर्फ निगरानी बढ़ाई है, बल्कि बारिश से होने वाली दिक्कतों को रोकने के लिए कई एहतियाती कदम भी उठाए हैं. सभी कल्वर्ट और जल निकासी के जगहों की सफाई कराई गई है. ट्रैक के आसपास पानी जमा न हो, इसके लिए अतिरिक्त ड्रेनेज व्यवस्था की गई है. जहां जरूरत होगी, वहां मोटर पंप के जरिए तुरंत पानी निकाला जाएगा. हर प्रमुख रेल पुल के लिए डेंजर लेवल तय कर दिया गया है और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.
दिन-रात होगी मॉनिटरिंग
मॉनसून के दौरान रेलवे ने नियमित ट्रैक निरीक्षण के साथ-साथ विशेष 'मॉनसून पेट्रोलिंग' भी शुरू कर दी है. यानी कर्मचारी दिन-रात ट्रैक पर निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी तरह की क्षति या जलभराव की जानकारी तुरंत मिल सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके.
रेलवे ने मौसम विज्ञान विभाग के साथ भी समन्वय बढ़ा दिया है. भारी बारिश की चेतावनी मिलते ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत अलर्ट कर दिया जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षा के उपाय किए जा सकेंगे. दीघा-सोनपुर जेपी सेतु, राजेंद्र सेतु समेत अन्य पुलों की निगरानी बढ़ाई जाएगी.
