पूर्णिया में 'भारतीय योग संस्थान' द्वारा आयोजित तीन दिवसीय योग शिविर के तीसरे दिन 'श्वसन तंत्र के रोग और समाधान' विषय पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान योग साधकों और विशेषज्ञों ने फेफड़ों व सांस से जुड़ी बीमारियों से बचाव और योग के जरिए उनके स्थाई समाधान पर सारगर्भित चर्चा की. इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे साधक-साधिकाओं को विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया.
सरस्वती वंदना और शंख ध्वनि से हुआ शुभारंभ
समारोह की शुरुआत साक्षी सुमन एवं पुष्पा देवी द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गान और दीप प्रज्वलन से हुई. इसके पश्चात शंख ध्वनि और वैदिक गायत्री मंत्रोच्चार के बीच महिला साधिकाओं ने सरस्वती वंदना की भावपूर्ण प्रस्तुति दी. कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का स्वागत राजेंद्र पंडित ने किया, जबकि मंच का कुशल संचालन सतीश चन्द्र श्रीवास्तव द्वारा किया गया.
दिल्ली से आए योग गुरु ने बताए श्वसन स्वास्थ्य के सूत्र
शिविर में दिल्ली से पधारे प्रसिद्ध योग गुरु जयप्रकाश अग्रवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की. उन्होंने श्वसन तंत्र से जुड़े गंभीर रोगों (जैसे अस्थामा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जिक राइनाइटिस आदि) के कारणों पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे नियमित योगाभ्यास और सही खान-पान से इन बीमारियों से पूरी तरह मुक्ति पाई जा सकती है.
साधकों को कराया गया विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास
सत्र के दौरान विभिन्न योग प्रशिक्षकों द्वारा साधकों को प्राणायाम और योगासनों का लाइव अभ्यास कराया गया:
- डॉ. बृजेन्द्र पांडेय: ताड़ासन, त्रिकोण आसन, गोमुखासन, उष्ट्रासन और शशकासन.
- संजय चौधरी: भुजंगासन.
- रंजीत चक्रवर्ती: तिर्यक भुजंगासन.
- भगवान सिंह: मरकट आसन.
- स्वाति वैश्यंत्री: हास्यासन.
- कैलाश मंडल: शवासन.
- अजय कुमार सिंह: विभिन्न प्रकार के प्राणायाम.
शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में मनोज कुमार सिंह ने प्रार्थना और विश्व शांति पाठ कराया, जिसके बाद अरुण कुमार भारती ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं और साधकों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. इस अवसर पर इंदु सिन्हा, मोनी देवी, अशोक कुमार सिंह, विकास मिश्रा, अभिमन्यु सिंह, पूनम, वंदना, नूतन सहित बड़ी संख्या में स्थानीय योग प्रेमी और साधक-साधिकाएं उपस्थित रहे.
