जलालगढ़ में कृषक महिलाओं को सिखाए गये नर्सरी व पोषण वाटिका के गुर

कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत कृषक महिलाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

जलालगढ़. सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र जलालगढ़ में अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत कृषक महिलाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह प्रत्यक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण के माध्यम से कृषकों को रबी मौसम में होने वाले सब्जियों के लिए नर्सरी तैयार करने एवं पोषण वाटिका का निर्माण करने का तरीका बताया गया. साथ ही उन्हें निःशुल्क रबी मौसम के विभिन्न सब्जियों का बीज भी वितरण किया गया. जिससे पोषण वाटिका का निर्माण कर स्वरोजगार हेतु उपयोग कर सके. इसके साथ ही जलालगढ़ के सरसौनी पंचायत अंतर्गत मवि भटगामा के छात्रों के लिए एक दिवसीय परिभ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत में केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डाॅ केएम सिंह ने छात्रों को कृषि संकाय से जुड़ी नवीनतम तकनीकों एवं खेती से जुड़ी जानकारी प्रदान की और भविष्य में उन्हें कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया. मौके पर केवीके के कृषि वैज्ञानिक डॉ राबिया परवीन ने उन्हें भारत वर्ष में होने वाले विभिन्न मौसमी खेती की जानकारी दी और उन्हें पोषक तत्वों का महत्व समझाया. प्रशिक्षण उपरांत केवीके परिसर में मौजूद विभिन्न इकाइयों जैसे केंचुआ खाद उत्पादन, अजोला यूनिट, प्राकृतिक खेती, पोषण वाटिका, फसल कैफेटेरिया इत्यादि का परिभ्रमण कराया. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि ऐसे भ्रमण से छात्रों का बौद्धिक विकास होता है और किताबी ज्ञान के साथ प्रायोगिक ज्ञान भी प्राप्त होता है. मौके पर उपयोजन के सदस्य भाग्यश्री, खुशबु कुमारी, विद्यालय से नूतन कुमारी, कंचन कुमारी सहित केंद्र के अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मी मौजूद थे.

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