मर जायेंगे लेकिन सीमांचल को केंद्र शासित प्रदेश में नहीं जाने देंगे : सांसद

बिहार को फिर से बांटने का लगाया गंभीर आरोप

पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार को फिर से बांटने का लगाया गंभीर आरोप पूर्णिया. बिहार में राजनीतिक चहल पहल के बीच पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक बार फिर से बिहार को बांटने की साजिश हो रही है. उन्होंने कहा कि इस बार बंगाल और बिहार के सीमांचल के जिलों को मिला कर मोदी सरकार केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना बना चुकी है, ताकि वे स्पष्ट तौर पर दिल्ली से यहां शासन कर पायें. उन्होंने इस बात की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया कि जिन क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने की साजिश 3 महीने से चल रही है, वहां बीजेपी का वोट परसेंट न्यूनतम है, जिस वजह से वे मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तरी दिनादपुर समेत बंगाल के 10 जिले और बिहार के सीमांचल के जिले को मिलाकर केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की गंभीर साजिश कर रहे हैं. सांसद पप्पू यादव ने बिहार की सत्ता से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य सभा के लिए नामांकन कराने और फिर रातोंरात राज्यपाल के पद पर पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन की नियुक्ति को लेकर कहा कि आखिर बिहार में ऐसी कौन सी आपदा आ पड़ी है कि बीजेपी, बिहार की जनता की भावना से खिलवाड़ करने में लगी है? उन्होंने कहा कि पूर्व सैन्य अधिकारी को बिहार का राज्यपाल नियुक्त करना उनकी नियत को दर्शाता है कि वे क्या करने वाले हैं? लेकिन हमको ये स्वीकार्य नहीं है कि हमें बिहार से अलग किया जाए. सांसद ने कहा कि बीजेपी का मुख्यमंत्री और राज्यपाल बनाकर आप अगर सीमांचल को बिहार से अलग करना चाहते हैं, तो हम मरना पसंद करेंगे, लेकिन सीमांचल को केंद्र शासित प्रदेश में नहीं जाने देंगे. इसकी लड़ाई आज से शुरू होगी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जी, बिहार को बचा लीजिये. हम अकेले सही लेकिन आपके साथ खड़े हैं. पप्पू यादव ने बिहार के राजनीतिक घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल में होने वाले विधान सभा चुनाव 2026 से जोड़ते हुए कहा कि दरअसल, इस वक्त तक बंगाल में विधान सभा चुनाव की घोषणा हो जानी चाहिए थी, लेकिन केंद्र की सरकार दिल्ली की तरह यहां भी नियत समय में विलंब कर राष्ट्रपति शासन में चुनाव करवाने की तैयारी में हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए राज्यों की सहमति जरुरी है, इसके लिए गृह मंत्री अमित शाह एड़ी चोटी लगाये हुए हैं. इसलिए बिहार में बीजेपी कोटे से मुख्यमंत्री बनवा रहे हैं और बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा कर सहमति प्राप्त करेंगे. सांसद ने कहा कि इसकी पटकथा 3 महीने पहले ही लिखी जा चुकी थी.

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By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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