मौसम विभाग का येलो अलर्ट: आंधी-तूफान के साथ आ सकती है आफत की बारिश
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, क्षेत्र में बने चक्रवातीय दबाव के कारण पूर्णिया और इसके नजदीकी जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा रहेगा. आसमान में सुबह से ही घने बादल मंडरा रहे हैं, जो किसी भी वक्त मूसलाधार बारिश में बदल सकते हैं. मौसम वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि इस दौरान जिले में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अत्यंत तेज हवाएं (अंधड़) चल सकती हैं. तेज हवाओं के साथ-साथ भारी मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की भी प्रबल आशंका जताई गई है.
कमजोर मकानों और टिन शेड को नुकसान संभव, प्रशासन ने दी चेतावनी
आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने संयुक्त रूप से चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस प्राकृतिक बदलाव के दौरान जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है:
- पुराने ढांचे और टिन शेड: तेज हवा और आंधी के कारण ग्रामीण इलाकों में टिन शेड, जर्जर या कमजोर मकान और शहरी क्षेत्रों में पुराने होर्डिंग्स/ढांचों को भारी नुकसान पहुंच सकता है. लोग इनके नीचे खड़े होने या वाहन पार्क करने से बचें.
- बिजली के खंभों से दूरी: तेज हवाओं के कारण बिजली के तार टूटने या पेड़ गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए खराब मौसम के दौरान ट्रांसफार्मर और खंभों के पास बिल्कुल न जाएं.
खुले मैदान और पेड़ों से दूर रहने की सलाह, किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन
वज्रपात (आकाशीय बिजली) के बढ़ते खतरों को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों, राहगीरों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों व किसानों के लिए विशेष सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं:
- पेड़ों की ओट न लें: अक्सर देखा गया है कि बारिश शुरू होने पर लोग बड़े पेड़ों के नीचे शरण ले लेते हैं, जो वज्रपात के लिहाज से सबसे खतरनाक साबित होता है. बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों से उचित दूरी बना लें.
- सुरक्षित स्थानों पर रहें: खुले मैदान, जलजमाव वाले खेतों और तालाबों के पास काम कर रहे लोग तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड के नीचे चले जाएं. मौसम सामान्य होने तक किसी भी प्रकार के बाहरी या कृषि कार्यों को पूरी तरह रोक देने की सलाह दी गई है.
पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट:
