पूर्णिया में झमाझम मूसलाधार बारिश से मौसम हुआ सुहाना: भीषण उमस से मिली राहत, मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट

पूर्णिया जिला मुख्यालय और इसके आसपास के इलाकों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट बदली. सुबह से ही आसमान में डेरा जमाए काले बादलों ने दोपहर होते-होते शहर को पूरी तरह सराबोर कर दिया. करीब आधे घंटे तक हुई झमाझम मूसलाधार बारिश से लोगों को पिछले कई दिनों से जारी चिलचिलाती उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है. हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार यह राहत तात्कालिक है और आज दिनभर खराब मौसम का खतरा बरकरार रहेगा.

आधे घंटे की बारिश से गिरा पारा, ठंडी हवाओं ने दी राहत

अहले सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही और उमड़न-घुमड़न जारी थी. दोपहर होते-होते तेज हवाओं के झोंकों के साथ अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई. लगभग 30 मिनट तक बादल झूमकर बरसे, जिससे पूरे शहर की सड़कें तरबतर हो गईं.

बारिश के बाद चली पुरवा हवाओं ने वातावरण में घुली भीषण उमस को पूरी तरह सोख लिया, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इस खुशनुमा और ठंडे मौसम का स्थानीय लोगों और बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया.

मौसम विभाग की चेतावनी: 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, राहत के आसार नहीं

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पूर्णिया और सीमांचल के अन्य सीमावर्ती इलाकों में अभी मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ा रहेगा. विभाग ने आज दिनभर के लिए भारी बारिश, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग के मुख्य पूर्वानुमान:

  • तूफानी हवाएं: चक्रवाती प्रभाव के कारण इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की तीव्र रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने की प्रबल संभावना जताई गई है.
  • वज्रपात का खतरा: बादलों के अत्यधिक घर्षण के कारण आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका है.

प्रशासन ने जारी की एडवायजरी: खराब मौसम में बरतें अतिरिक्त सतर्कता

मौसम की गंभीरता और लगातार बिगड़ते मिजाज को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता के लिए विशेष सुरक्षात्मक एडवायजरी (चेतावनी) जारी की है.

लोगों से अपील की गई है कि जब तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो, तो वे पूरी तरह अतिरिक्त सतर्कता बरतें. खराब मौसम के दौरान किसी भी परिस्थिति में:

  1. खुले मैदान या खेतों में काम करने से बचें.
  2. लोहे के ऊंचे बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों और ट्रांसफार्मर से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें.
  3. बारिश से बचने के लिए बड़े और एकांत पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें, क्योंकि इन जगहों पर वज्रपात का खतरा सबसे अधिक होता है.

नागरिकों से कहा गया है कि पक्के मकानों में सुरक्षित रहें और मौसम सामान्य होने का इंतजार करें.

पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट:

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Published by: Divyanshu Prashant

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