अधीक्षण अभियंता व सहायक अभियंता के खिलाफ वार्ड पार्षदों ने खोला मोर्चा

कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संपत्ति की जांच व कार्रवाई की उठायी मांग

कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए संपत्ति की जांच व कार्रवाई की उठायी मांग

मुख्यमंत्री सहित नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री को भेजा आवेदन

पूर्णिया : नगर निगम पूर्णिया के वार्ड पार्षदों ने नगर विकास अंचल, पूर्णिया में पदस्थापित अधीक्षण अभियंता एवं सहायक अभियंता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं1 पार्षदों ने इन अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री और निगरानी विभाग को आवेदन भेजा है जिसमें उनके द्वारा अर्जित संपत्ति की जांच कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है. ज्ञात हो कि नगर विकास एवं आवास विभाग के नगर विकास अंचल कार्यालय, पूर्णिया से ही नगर निगम अंतर्गत सभी निविदाओं के तकनीकी कार्यों का निपटारा होता है. पार्षदों का आरोप है कि संबंधित अधिकारियों द्वारा सभी प्रकार की निविदाओं को निजी लाभ के उद्देश्य से या तो अनावश्यक रूप से लंबित रखा जाता है या फिर उन्हें रद्द करने की अनुशंसा कर दी जाती है. इसके कारण नगर निगम की जनोपयोगी एवं अत्यंत महत्वपूर्ण योजनाएं ससमय पूरी नहीं हो पा रही हैं. पार्षदों ने अगाह किया है कि यदि स्थिति यही रही तो आगामी मानसून एवं बरसात के मौसम में आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, जिसके जिम्मेवार सम्बन्धित अभियंता होंगे. अधीक्षण अभियंता के बिना किसी आधिकारिक सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने का जिक्र करते हुए पार्षदों ने कहा है कि उनकी अनुपस्थिति की पुष्टि उनके मोबाइल लोकेशन जांच से भी की जा सकती है. आवेदन में सहायक अभियंता व कंप्यूटर ऑपरेटर पर भी पार्षदों ने अनियमितता का आरोप लगाया है.

संविदा में चलता है कमीशन का खेल

पार्षदों ने निविदा पास करने में ‘कमीशन’ के खेल का जिक्र करते हुए आवेदन में कई उदाहरण भी दिए हैं और कहा है कि इस मामले में नियमों की अनदेखी कर कार्रवाई की जाती है. आवेदन में तकनीकी खामियों के बावजूद एक ही परिवार के दो संवेदकों को लाभ पहुंचाने और पांच योग्य संवेदकों को मनगढ़ंत कारणों से अयोग्य घोषित करने का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इससे पूरे तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

पद से हटाने के प्रस्ताव पर कार्रवाई नहीं

पार्षदों के अनुसार, नगर निगम पूर्णिया की 21 जनवरी 2026 को आयोजित बोर्ड की बैठक में इन अधिकारियों को पद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. वार्ड पार्षदों ने सरकार से मांग की है कि ‘भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस’ की नीति को लागू करते हुए इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों को अविलंब बर्खास्त किया जाए. इस पूरे मामले ने नगर विकास एवं आवास विभाग के नगर विकास अंचल, पूर्णिया की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है और अब निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं. शिकायत करने वाले पार्षदों में रितू राज यादव, ममता सिंह, बबली कुमारी, खुशबू कुमारी, मेरीस्तीला टोपो, उर्मिला देवी, पूनम देवी, आशा महतो, सुरेश सिंह, राजीव रंजन सहाय, मुसर्रत जहां, रवि शंकर, स्वपन घोष, कल्याणी राय, दीपा भारती, शमसुन खातून, निर्जला देवी, मुर्शीदा खातून, राखी देवी आदि पार्षद शामिल हैं.

पार्षदों के सभी आरोप गलत और निराधार

नगर निगम के पार्षदों ने जो आरोप लगाया है वो सरासर गलत और निराधार हैं. सभी लोग शिकायत के लिए स्वतंत्र है. नगर निगम का टेंडर नियम संगत के तहत रद्द किया गया है. जब हमने टेंडर रद्द किया है तो बजाप्ते चिट्ठी जारी की है जिसमें रद्द करने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख है. मैने यह भी लिखा है कि यदि हमारे निर्देश पर किसी को आपत्ति है तो विभाग से परामर्श ले सकते हैं. विभाग हमसे ऊपर है. हम अंतिम निर्णय नहीं है. विभाग में मुख्य अभियंता हैं, अभियंता प्रमुख, प्रधान सचिव महोदय हैं, वहां से परामर्श ले सकते हैं कि एसी ने गलत आदेश दिया है उसको रद्द किया जाता है. इस पर कोई बंधन नहीं है.

परिचय: आर. हैदर, अधीक्षण अभियंता

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