शिक्षकों के लिए पारदर्शी व स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति लागू हो

अमौर/कसबा

प्रतिनिधि, अमौर/कसबा. सामाजिक कार्यकर्ता और कसबा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मो शहबाज आलम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र लिखकर शिक्षकों की समस्याओं, शिक्षा विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और सुधारों की आवश्यकता पर ध्यान आकृष्ट कराया है. मो. शहबाज आलम ने पत्र में शिक्षकों के स्वैच्छिक स्थानांतरण, गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने जैसे अहम मुद्दों को उठाया है. पत्र में उल्लेख किया गया है कि बहुत से शिक्षक अपने गृह जिलों से दूर तैनात हैं जिससे वे पारिवारिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं. इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्रों की शिक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. श्री आलम ने मांग की है कि शिक्षक/शिक्षिकाओं के लिए एक पारदर्शी और स्वैच्छिक स्थानांतरण नीति लागू की जाए, जिससे वे अपने गृह जिलों या नजदीकी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे सकें. श्री आलम ने पत्र में इस बात पर भी जोर दिया कि शिक्षकों को पढ़ाई-लिखाई का कार्य छोड़कर जगणना, सर्वेक्षण और प्रशासनिक कार्यों में लगा दिया जाता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि शिक्षकों को इन कार्यों से मुक्त रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनायी जाए. मो. शहबाज आलम ने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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