हेड मौलवी का आरोपों से इनकार, बीईओ ने कहा- लिखित शिकायत मिली तो होगी जांच केनगर. केनगर प्रखंड की झुन्नी इस्तंबरार पंचायत अंतर्गत वार्ड 10 स्थित मदरसा झुन्नी फैजुल गोरवा में मदरसे के पुराने कबाड़ के सामानों को गुपचुप तरीके से बेचे जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मदरसे में जमकर हंगामा किया. ग्रामीण मो अयूब, मो अलीम, मो मुद्दीन अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि इस मदरसे में कुल 107 बच्चे नामांकित हैं. लेकिन उपस्थिति पंजी पर केवल 20 बच्चों की ही हाजिरी बनायी गई थी. जबकि मदरसे में सिर्फ दो बच्चे उपस्थित थे. इस संबंध में मदरसे के हेड मौलवी मो वली अहमद से बात की गयी, तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि मुझ पर कबाड़ बेचने और बच्चों की उपस्थिति को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित हैं. मदरसे में नियमों के तहत ही कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हमारे मदरसे में लगभग 4 वर्षों से अकेले मैं ही बच्चों के पठन-पाठन का कार्य कर रहा हूं. मेरे मदरसे में 107 बच्चे मिड-डे मील योजना से जुड़े हैं. इन सभी बच्चों के लिए मेरे द्वारा समय पर भोजन और पढ़ाई की व्यवस्था की जाती है. उन्होंने खुद ही सवाल किया कि दूसरा शिक्षक नहीं होने के चलते अकेले मेरे द्वारा कितना कार्य किया जा सकता है. मैंने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बार-बार संबंधित अधिकारियों को लिखित पत्र भेजा है और मौखिक रूप से भी मिलकर गुहार लगाई है, लेकिन विभाग द्वारा अभी तक हमारे मदरसे में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई है.हंगामे के संबंध में जब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारीमुकेश वर्मा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि इस तरह के हंगामे या अनियमितता की सूचना अभी तक हमारे पास नहीं आयी है. यदि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक सूचना मिलती है, तो मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करायी जाएगी.
गुपचुप कबाड़ बेचने के आरोप में मदरसा में ग्रामीणों ने किया हंगामा
वार्ड 10 स्थित मदरसा झुन्नी फैजुल गोरवा में मदरसे के पुराने कबाड़ के सामानों को गुपचुप तरीके से बेचे जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने मदरसे में जमकर हंगामा किया
