University: पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnea University) के अंतर्गत सीमांचल क्षेत्र के 63 डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की 60 हजार से अधिक सीटों पर नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. समर्थ पोर्टल (Samarth Portal) के माध्यम से लिए जा रहे इन आवेदनों के बीच, आवेदन शुल्क को न्यूनतम या पूरी तरह से माफ करने की मांग को लेकर छात्र नेता पीयूष पुजारा की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल रविवार को भी जारी रही. छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन सीमांचल के पिछड़े और गरीब विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ डाल रहा है.
समर्थ पोर्टल सरकारी और निःशुल्क, फिर ₹600 क्यों?: छात्र नेता
छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उनके मुख्य तर्कों का विवरण निम्नलिखित है:
- अन्य विश्वविद्यालयों से तुलना: भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता पीयूष पुजारा ने दावा किया कि पूर्णिया विश्वविद्यालय वर्तमान में प्रति छात्र 600 रुपये आवेदन शुल्क ले रहा है. इसके विपरीत, राज्य के अन्य पड़ोसी विश्वविद्यालय इसका महज एक-तिहाई (1/3) या एक-चौथाई (1/4) शुल्क ही वसूल रहे हैं.
- फ्री पोर्टल का हवाला: छात्र नेताओं का मुख्य तर्क है कि नामांकन के लिए जिस ‘समर्थ पोर्टल’ का उपयोग किया जा रहा है, वह पूरी तरह से केंद्र/राज्य सरकार द्वारा संचालित और डिजिटल इंडिया के तहत शुल्कमुक्त (फ्री) है. जब पोर्टल का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं है, तो विश्वविद्यालय को आवेदन शुल्क में अधिकतम कटौती करनी चाहिए या इसे पूरी तरह निःशुल्क करना चाहिए.
हमसे अधिक शुल्क लेने वाले भी कई विवि: पूर्णिया विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय का पक्ष: इधर, विवाद बढ़ता देख पूर्णिया विश्वविद्यालय के डीन छात्र कल्याण (DSW) प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने विश्वविद्यालय का पक्ष सामने रखा है. उन्होंने कहा कि बिहार में कई ऐसे विश्वविद्यालय भी हैं जो पूर्णिया विवि से कहीं अधिक आवेदन शुल्क ले रहे हैं. इसके बावजूद, छात्रों के हितों और उनकी मांगों को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श किया है.
1 जून को कुलाधिपति की बैठक में ‘एकरूपता’ पर होगी बात
आगामी निर्णय की रूपरेखा:
डीएसडब्ल्यू प्रो. अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि आगामी 1 जून को महामहिम कुलाधिपति (राज्यपाल) ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. इस बैठक में पूर्णिया विश्वविद्यालय की ओर से पूरे राज्य के विश्वविद्यालयों में ‘नामांकन आवेदन शुल्क की एकरूपता’ (यूनिफॉर्मिटी) को लेकर विशेष आग्रह किया जाएगा.
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुलाधिपति कार्यालय (राजभवन) से जो भी दिशा-निर्देश या आदेश प्राप्त होंगे, उसके आलोक में आवेदन शुल्क को लेकर आगे का अंतिम निर्णय लिया जाएगा. फिलहाल, इस आश्वासन के बाद भी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कैंपस में सरगर्मी तेज है.
