पूर्णिया में बहुत जल्द बढ़ेगी ट्रेनों की कनेक्टिविटी, यात्रियों की बढ़ेंगी सुविधाएं

यात्रियों की बढ़ेंगी सुविधाएं

आने वाले दिनों में डबल ट्रैक होने जा रहा है भाया पूर्णिया कटिहार-जोगबनी रेल खंड

पूर्णिया जंक्शन पर बढ़ जाएगी ट्रेनों की संख्या, खत्म होगा स्टेशन पर क्रॉसिंग का झंझट

पूर्णिया. रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी है. खास तौर पर पूर्णिया-अररिया रेल मार्ग के यात्रियों की कई समस्याएं दुर होने वाली हैं. पूर्णिया से गुजरने वाले कटिहार-जोगबनी रेलखंड शीघ्र डबल ट्रैक हो जाएगा. इस रेल खंड पर 108 किलोमीटर की सिंगल लाइन को डबल लाइन में तब्दील करने की प्रक्रिया चल रही है. फिलहाल सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है जबकि अन्य कार्य प्रोसेस में हैं. इस रेल खंड के डबल ट्रैक होने से न केवल अन्य ट्रेनों की कनेक्टिविटी पूर्णिया से बढ़ जाएगी बल्कि यात्रियों की कई नई सुविधाए भी बहाल होंगी. वैसे, अभी यह रेलखंड सिंगल ट्रैक है. इसके कारण आए दिन प्लेटफार्म पर किसी न किसी ट्रेन की क्रॉसिंग होती है जिससे पहले से खड़ी ट्रेन लेट हो जाती है और यात्रियों का समय बर्बाद होता है. यह माना जा रहा है कि नये साल में इस रेल खंड का दोहरीकरण एक बड़ी सौगात होगी.

गौरतललब है कि कटिहार-जोगबनी रेलखंड का सीधा जुड़ाव भारत-नेपाल सीमा से है और इस लिहाज से देखा जाए तो सामरिक और आर्थिक रूप से इस रेलखंड की अहमियत काफी बढ़ जाती है. खास तौर पर बढ़ते यात्री और माल ढुलाई के नजरिये से रेलवे को भी इससे फायदा है.जानकारों की मानें तो रेलखंड के दोहरीकरण के बाद स्वाभाविक रुप से न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी बल्कि एक साथ अलग-अलग दो ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन भी संभव हो सकेगा. वैसे, देखा जाए तो इस रेलखंड को डबल ट्रैक किए जाने की मांग अस्सी के दशक से हो रही थी मगर, इसको लेकर रेलवे कभी गंभीर नहीं हुआ. मगर, हालिया सालों में इस रेलखंड पर कई उल्लेखनीय कार्य हुए. इस बीच, वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 2.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसके तहत सर्वे का काम काफी हद तक कर लिया गया है.

आर्थिक विकास को मिलेगा बल

कटिहार-जोगबनी रेल खंड के दोहरीकरण से इस क्षेत्र के आर्थिक विकास को बल मिलेगा. चूंकि नेपाल की सीमा से सटे होने के कारण इसका सामरिक महत्व है इसलिए एक तरफ जहां पर ट्रेनों का सुगम परिचालन सुनिश्चित होगा वहीं दूसरी ओर व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. जबकि, दोहरीकरण से नेपाल से व्यापार बढ़ेगा और माल ढुलाई से रेलवे की आय में इजाफा होगा. गौरतलब है कि नेपाल सीमा से सटे होने के कारण इस रेल खंड पर ट्रैक के दोहरीकरण के बाद भारत और नेपाल के बीच खाद्यान्न सहित अन्य वस्तुओं के परिवहन में आसानी होगी और परिवहन व्यवस्था में भी सुधार होगा. रेल अधिकारियों की मानें तो दोहरीकरण के बाद इस रूट पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का संचालन अधिक होगा. नई ट्रेनों की शुरुआत संभव होगी और यात्रा समय में कमी आएगी और इससे भी रेलवे की आमदनी बढ़ेगी. इससे न केवल पूर्णिया बल्कि पूरे सीमांचल में व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

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कहते हैं अधिकारी

कटिहार-जोगबनी रेल खंड के दोहरीकरण के लिए सर्वे का काम काफी हद तक हो चुका है. दोहरीकरण के बाद इस लाइन के लिए नई ट्रेनें मिलेंगी और परिचालन में कम वक्त लगेगा. पूर्णिया और जोगबनी के बीच रेल यातायात सुगम हो जाएगा जबकि पूर्णिया के यात्रियों को पटना समेत अन्य स्थानों के लिए तेज कनेक्टिविटी मिलेगी. यात्रियों की कई सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी.

मुन्ना कुमार, स्टेशन अधीक्षक, पूर्णिया जंक्शन

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आकड़ों का आईना

1887 में खोला गया था पूर्णिया जंक्शन रेलवे स्टेशन

2008 में शुरू हुई थी पूर्णिया जंक्शन में बड़ी रेललाइन

30 लाख यात्रियों की आवाजाही पूर्णिया जंक्शन से एक साल में होती है

15 जोड़ी ट्रेनों का पूर्णिया जंक्शन से हो रहा परिचालन

450 करोड़ की आय एक वित्तीय वर्ष में रेलवे को सिर्फ माल ढुलाई में हुई

11 करोड़ सालाना अकेले सीमांचल एक्सप्रेस ने पूर्णिया दे रहा रेलवे को

1.44 लाख यात्री सिर्फ पूर्णिया जंक्शन से पकड़ते हैं ट्रेन

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