पूर्णिया जिले के कसबा बरेटा स्थित माउन्ट सिनाई मिशन स्कूल में 'प्रभात खबर' टीम की ओर से एक विशेष 'संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के बीच तेजी से बढ़ते इंटरनेट के उपयोग, इसके सदुपयोग-दुरुपयोग और डिजिटल शिष्टाचार (Netiquette) पर विस्तृत चर्चा की गई. इस मौके पर विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को वास्तविक दुनिया के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी एक जिम्मेदार नागरिक बनने के गुर सिखाए.
डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए 'नेतिकेट्स' जरूरी
संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं साइंस फॉर सोसाइटी (बिहार) के रिसर्चर सत्यम कुमार सिंह ने बच्चों को डिजिटल एटीकेट्स की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जिस तरह हम असल जिंदगी में आचरण और शिष्टाचार का ध्यान रखते हैं, ठीक उसी तरह इंटरनेट की दुनिया में भी इसका पालन अनिवार्य है. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन फॉलोअर्स की होड़ में बच्चे अपने परिवार और समाज से दूर हो रहे हैं. इसलिए देर रात तक इंटरनेट के इस्तेमाल से बचना चाहिए और सोशल मीडिया की लत से दूर रहकर भाषा की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को सुरक्षित डिजिटल अनुभव के लिए कई अहम निर्देश दिए.
- आदरपूर्ण भाषा का प्रयोग: ऑनलाइन संवाद करते समय हमेशा शालीन भाषा अपनाएं और किसी भी प्रकार के अपशब्द या अभद्र टिप्पणी से बचें.
- गोपनीयता का सम्मान: किसी की भी निजी जानकारी या फोटो बिना अनुमति के साझा न करें और न ही किसी को बिना सहमति के टैग करें.
- अजनबियों से दूरी: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें और केवल रचनात्मक व उपयोगी सामग्री ही साझा करें.
अनावश्यक इंटरनेट इस्तेमाल से बचें बच्चे: निकेश गिलगाल
माउन्ट सिनाई मिशन स्कूल के निदेशक निकेश गिलगाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मोबाइल और इंटरनेट के अत्यधिक इस्तेमाल से लोग अपने ही आसपास के माहौल से कटते जा रहे हैं. खासकर बच्चों में यह व्यस्तता उन्हें माता-पिता और पारिवारिक मूल्यों से दूर कर रही है. उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल जरूरत के हिसाब से ही डिजिटल गैजेट्स का उपयोग करें. सोशल मीडिया पर गैर-जरूरी समय बिताने के बजाय अपनी पढ़ाई, खेलकूद और लोगों के साथ स्वस्थ चर्चाओं में भाग लेने पर ध्यान केंद्रित करें.
