पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुल्लाखास पंचायत के वार्ड संख्या 7 आलम नगर में रविवार की सुबह एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है. घर के पास खेल-खेल में पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई. एक ही परिवार के तीन बच्चों की असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
घर से 100 मीटर दूर खेलते समय हुआ हादसा
मृतक बच्चों के पिता आलमगीर ने आंखों में आंसू लिए बताया कि रविवार की सुबह तकरीबन 8:00 बजे उनके तीनों बेटे—मो. मोफिजूल (11 वर्ष), मो. तफीजूल (9 वर्ष) और सैराजुल (7 वर्ष) घर के बाहर खेल रहे थे. खेलते-खेलते तीनों बच्चे घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित धर्मकांटा के पास पहुंच गए, जहां मिट्टी खनन के कारण पानी से भरा गहरा गड्ढा बना हुआ था. इसी दौरान एक-एक कर तीनों मासूम पानी से भरे गड्ढे के गहरे पानी में समा गए.
जब तक पहुंचे ग्रामीण, टूट चुकी थीं सांसें
घटनास्थल पर मौजूद अन्य बच्चों ने भागकर परिजनों को हादसे की जानकारी दी. सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने तुरंत पानी में उतरकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और तीनों मासूम भाइयों की सांसें टूट चुकी थीं. घटना के बाद मृतक के पिता आलमगीर, मां दुलहरी, दादा मो. अख्तर और दादी मेहनूर के करुण क्रंदन से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया. बताया गया कि आलमगीर के कुल आठ पुत्र थे, जिनमें से तीन की इस हादसे में एक साथ मौत हो गई.
अवैध खनन बना हादसों का कारण, ग्रामीणों में गुस्सा
स्थानीय ग्रामीणों ने इस दर्दनाक हादसे के लिए अवैध मिट्टी खनन को जिम्मेदार ठहराया है. ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के पास ईंट-भट्ठों या निजी स्वार्थ के लिए जेसीबी से कई फीट गहरा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है. बारिश के दिनों में इन गड्ढों में लबालब पानी भर जाता है, जो बच्चों और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. ग्रामीणों ने अवैध खनन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, मुआवजे का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष सह मलहरिया पंचायत के मुखिया रतेश आनंद मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया. उन्होंने अंचलाधिकारी (CO) से पीड़ित परिवार को तत्काल सरकारी सहायता देने की मांग की. कसबा थाना पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच (GMCH) पूर्णिया भेज दिया है. मामले में कसबा के अंचलाधिकारी निशांत कुमार ने बताया कि जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेजा गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग के नियमानुसार मृतक के आश्रितों को अनुग्रह सहायता/मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी.
