सांसद ने लोस में सोशल मीडिया की नकारात्मकता को ले उठाए तीखे सवाल

पूर्णिया

पूर्णिया. सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने लोकसभा में सोशल मीडिया और निजी समाचार चैनलों पर बढ़ती नकारात्मकता, फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर कई अहम सवाल उठाए और इस पर रोक लगाए जाने की जरुरत बतायी. सवाल उठाते हुए सांसद श्री यादव ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है. उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि क्या फर्जी और भ्रामक समाचारों में बढ़ोतरी हुई है, और यदि हां, तो ऐसे मामलों पर क्या कार्रवाई की गई है.उन्होंने पूछा कि क्या सरकार सोशल मीडिया या कुछ निजी समाचार चैनलों पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है. यहां जारी बयान में सांसद श्री यादव ने कहा है कि इसके जवाब में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वीकार किया कि सरकार को फर्जी, झूठी और भ्रामक सूचनाओं के बढ़ते प्रसार की जानकारी है. उन्होंने बताया कि ऐसी सामग्री को रोकने के लिए टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया,तीनों स्तरों पर कानूनी और संस्थागत ढांचे मौजूद हैं. टीवी चैनलों के लिए केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत कार्यक्रम संहिता लागू है, जो अश्लील, अपमानजनक और जानबूझकर मिथ्या सामग्री को प्रतिबंधित करती है. उल्लंघन पाए जाने पर एडवाइजरी, चेतावनी, माफी स्क्रॉल और अस्थायी ऑफ-एयर जैसे दंडात्मक कदम उठाए जाते हैं. जारी बयान में कहा गया है कि प्रिंट मीडिया के लिए भारतीय प्रेस परिषद पत्रकारिता के मानक तय करती है, इस तरह के समाचारों पर सख़्ती करती है और उल्लंघन की जांच कर कार्रवाई भी कर सकती है. कहा गया कि इसके लिए डिजिटल मीडिया पर आईटी नियम, 2021 लागू है. सांसद पप्पू यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सूचना की शुचिता सबसे महत्वपूर्ण है. यदि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों पर गलत जानकारी का प्रसार बढ़ता है, तो आम जनता गुमराह होती है और समाज में अविश्वास फैलता है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वे कानूनों को सिर्फ कागज़ पर न रखें, बल्कि उनकी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि सत्य, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति मजबूत हो सके.

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