मनुष्य का शरीर जड़ है पर उसके अंदर की आत्मा चेतन : स्वामी स्वरूपानंद

स्वामी स्वरूपानंद बोले

– महर्षि मेंही धाम संतमत सत्संग मंदिर चम्पानगर में त्रिदिवसीय सत्संग का समापन केनगर. महर्षि मेंही धाम संतमत सत्संग मंदिर चम्पानगर में त्रिदिवसीय 20 वां वार्षिक संतमत सत्संग का समापन रविवार की दोपहर सत्र में आध्यात्म, ज्ञान,वैराग्य और ध्यान साधना के साथ दिव्य दर्शन के प्रवचनों के बीच हुआ. समापन अवसर पर प्रातः कालीन प्रथम सत्र में मंचासीन भागलपुर कुप्पा घाट धाम के संत परम पूज्य स्वामी स्वरूपानंद जी महाराज ने जड़ और चेतन विषयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शरीर जहां मनुष्य का जड़ है, वहीं उसके अंदर की आत्मा चेतन है. चेतन को जड़ से अलग कर लिया जाये तो परमात्मा के दर्शन हो जाएंगे. लेकिन इसके लिए भक्ति, योग,ध्यान एवं समर्पण का ज्ञान होना चाहिए. दोपहर सत्र के समापन अवसर पर उन्होंने विषय भक्ति योग पर चर्चा करते हुए रामचरित मानस में उल्लेखित नवधारणा भक्ति में शबरी-राम संवाद पर व्यापक चर्चा की और इसकी विशेषताओं के वैज्ञानिक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने जीवन में श्रद्धा, प्रेम और समर्पण को उतारने की अपील की . कृत्यानंद नगर संतमत सत्संग आश्रम के संत सुरेन्द्र बाबा एवं चम्पानगर के स्थानीय संत महेन्द्र बाबा भी भजन के साथ श्रद्धालुओं बीच प्रवचन देकर अलौकिक सुख जैसे विषय पर प्रकाश डाला . त्रिदिवसीय संतमत सत्संग के समापन पर आयोजकों द्बारा भव्य भंडारे का आयोजन किया गया .जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया. संध्या वेला में विदाई गीत और आरती भजन के साथ ही आयोजित तीन दिवसीय संतमत सत्संग का समापन किया गया.

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