Purnia news : बहुत जल्द संवरेगी शहर की सूरत, महानगर की तरह दिखेगा पूर्णिया

Purnia news : पूर्णिया शहर की सूरत संवरनेवाली है. आनेवाले दिनों में पूर्णिया को महानगर का लुक मिलेगा.

Purnia news : अब बहुत जल्द पूर्णिया शहर की सूरत संवरनेवाली है. आनेवाले दिनों में पूर्णिया को महानगर का लुक मिलेगा. इसके लिए न केवल हाइटेक मास्टर प्लान तैयार किया गया है, बल्कि इस पर अमल करने की पहल भी शुरू कर दी गयी है. इस पहल की शुरुआत फिलहाल सर्वे से हुई है. इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए शहर में नोयडा एक्सेल जियो मेटिक्स एजेंसी द्वारा सर्वे किया जा रहा है. यह सर्वे 24 जून तक किया जाना है. गौरतलब है कि पूर्णिया नगर निगम के प्रस्तावों के आलोक में नगर विकास विभाग हाइटेक मास्टर प्लान लेकर शहर में उतरा है. नगर विकास विभाग ने ही उक्त एजेंसी को सर्वे की जिम्मेदारी दी है. जानकारी के अनुसार, इस एजेंसी की पांच सदस्यीय टीम यहां सर्वे कर रही है. विभागीय जानकारों ने बताया कि सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिलाधिकारी के साथ बैठक कर पहली पहल को फाइनल टच दिया जाएगा. समझा जाता है कि इस मास्टर प्लान को अमलीजामा पहनाये जाने के बाद पूर्णिया शहर को नया स्वरूप मिलेगा और जन सामान्य के लिए सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी.

अगले 20 वर्ष के लिए है मास्टर प्लान

विभागीय जानकारों की मानें, तो यह मास्टर प्लान वर्तमान को देखते हुए भविष्य की संभावित जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है. यह मास्टर प्लान अगले 20 वर्ष के लिए होगा. कोशिश यह की गयी है कि इस कालखंड में कोई बदलाव की आवश्यकता न हो. विभाग की ओर से नोडल पदाधिकारी ताराचंद प्रसाद रोजाना सर्वे की मॉनीटरिंग कर रहे हैं. सर्वे के दौरान शहर की कुल आबादी, आवासीय मुहल्ले, नागरिकों की जरूरत और वर्तमान व्यवस्था का आकलन किया जा रहा है. इसके जरिये आनेवाले समय में देय व्यवस्था व सुविधाओं की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं.

वर्ष 2010 को बनाया गया है मानक

मास्टर प्लान पर अमल करने के लिए वर्ष 2010 को मानक बनाया गया है. यह देखा जा रहा है कि वर्ष 2010 के बाद से शहर बढ़कर कहां-से-कहां पहुंचा, सड़क की चौड़ाई सही है या नहीं, ट्रैफिक व्यवस्था, नाला से निकल रहे पानी का बहाव, बिजली, पानी, जल निकासी आदि की व्यवस्था का आकलन किया जा रहा है. सर्वे टीम का मानना है कि अनियोजित विकास से शहर में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जबकि शहर का आकार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. बस अड्डा, रेलवे स्टेशन आदि शहर के बीच में हो गये हैं. इस वजह से जाम एक गंभीर समस्या बनी हुई है. गलियों से लेकर मुख्य सड़क तक कई स्थानों पर अतिक्रमण है. पार्किंग का अभाव साफ नजर आता है.

समस्याओं का अध्ययन कर रही टीम

बिना पार्किंग के मॉल या शॉप का निर्माण, पानी निकासी का ठोस इंतजाम, बाजार एवं आबादी में फासला नहीं, मनमाने ढंग से बनीं बहुमंजिला इमारतें आदि को टीम समस्याओं की कड़ी मान रही है. इन सबका अध्ययन और आकलन कर इसमें सुधार की गुंजाइश तलाश की जा रही है. एजेंसी द्वारा विकास से जुड़े उद्योग, बिजली, पीडब्ल्यूडी, परिवहन आदि विभागों से मास्टर प्लान के संबंध में सुझाव भी लिया जाना है.

24 जून तक चलेगा सर्वे

नोडल पदाधिकारी ताराचंद विद्यासागर ने बताया कि पूर्णिया शहर में सुनियोजित विकास के लिए हाईटेक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. इसके लिए विभाग की ओर से नोयडा एक्सेल जियो मेटिक्स एजेंसी द्वारा सर्वे जारी है. एजेंसी की पांच सदस्यीय टीम द्वारा मास्टर प्लान के लिए सर्वे जारी है, जो 24 जून तक चलेगा. इसके बाद जिलाधिकारी के साथ बैठक कर ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जायेगा.

आंकड़ों का आइना

1770 में मिला जिला का दर्जा

3264619 है 2011 की जनगणना के मुताबिक कुल आबादी

84.49 फीसदी लोग गांवों में रह रहे

10.51 फीसदी लोग रहते हैं शहर में

1000 पुरुष पर 921 महिलाएं हैं जिले में

3229 वर्ग किलोमीटर है क्षेत्रफल

04 अनुमंडल हैं जिले में

14 प्रखंड हैं पूरे जिले में

246 पंचायतों में बसी है ग्रामीण आबादी

1246 राजस्व गांव हैं जिले में

चौहद्दी

उत्तर में अररिया व किशनगंज

दक्षिण में कटिहार व भागलपुर

पूरब में पश्चिम बंगाल

पश्चिम में मधेपुरा व सहरसा

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