Purnia TB Patients Nutrition Support: पूर्णिया. टीबी से लड़ाई सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं है. इलाज के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण मिलना भी उतना ही जरूरी है. इसी संदेश के साथ पूर्णिया में टीबी मरीजों के बीच पोषण आहार वितरित किया गया. जिला यक्ष्मा केंद्र में उपचाररत 52 टीबी रोगियों को एमएम. न्यूरो अस्पताल एवं एशियन अस्पताल के सहयोग से पोषण आहार से युक्त खाद्य सामग्री की टोकरी दी गयी.
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य इलाज करा रहे मरीजों को पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करना भी रहा. जिला पदाधिकारी अंशुल कुमार के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. तनवीर हैदर ने किया.
सिविल सर्जन ने खुद मरीजों के बीच बांटा पोषण आहार
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने टीबी मरीजों के बीच स्वयं पोषण आहार का वितरण किया. उन्होंने मरीजों से उनके स्वास्थ्य और चल रहे उपचार की स्थिति के बारे में भी जानकारी ली.
इस दौरान सिविल सर्जन ने कहा कि टीबी के उपचार में दवा के साथ पर्याप्त पोषण बेहद जरूरी है. पौष्टिक भोजन मरीजों को कमजोरी से उबरने में मदद करता है और उपचार के दौरान शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
उन्होंने मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित किया.
दवा बीच में छोड़ना पड़ सकता है भारी
टीबी के उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण चिंता यह है कि मरीज इलाज के दौरान दवा बीच में न छोड़ें. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को नियमित उपचार जारी रखने की सलाह दी गयी.
सिविल सर्जन ने कहा कि टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है. समय पर जांच, नियमित दवा, उचित पोषण और स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन से टीबी को हराया जा सकता है. उन्होंने मरीजों से अपील की कि उपचार के दौरान किसी भी परिस्थिति में दवा बीच में नहीं छोड़ें.
यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उपचार में नियमितता मरीज के स्वास्थ्य सुधार के लिए जरूरी है. पोषण के साथ दवा और चिकित्सकीय सलाह का पालन उपचार की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद करता है.
पोषण मरीजों की कमजोरी दूर करने में मददगार
टीबी के इलाज के दौरान मरीजों के लिए पर्याप्त और पौष्टिक भोजन का महत्व कार्यक्रम में विशेष रूप से सामने आया. बीमारी और उपचार के दौरान कमजोरी महसूस करने वाले मरीजों के लिए उचित पोषण शरीर को मजबूत बनाए रखने में सहायक होता है.
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उपचाररत 52 मरीजों के बीच खाद्य सामग्री की टोकरी वितरित की गयी. कार्यक्रम के माध्यम से मरीजों को यह संदेश भी दिया गया कि उपचार के दौरान डॉक्टर की सलाह के साथ खानपान और दवा दोनों पर ध्यान देना जरूरी है.
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पहल
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत इस तरह की पहल मरीजों को उपचार के साथ पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है. जिला यक्ष्मा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों के साथ सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया.
कार्यक्रम को सफल बनाने में टीबी केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिनेश कुमार, राजेश शर्मा, तपन मिश्रा, राजनाथ झा, प्रिया सिंह और प्रशांत कुमार का सहयोग रहा. इसके अलावा बिनोद कुमार, रजिना मुर्मू, डब्ल्यूएचपी टीम के संजय कुमार, केएचपीटी के जिला प्रमुख एमडी. मासूम रजा, साक्षी गुप्ता, चंदन कुमार, निशांत कुमार, शिवम कुमार और मनेंद्र कुमार सहित राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भी योगदान दिया.
Purnia TB Patients Nutrition Support: इलाज के साथ जागरूकता पर भी जोर
पूर्णिया में आयोजित यह कार्यक्रम टीबी मरीजों को इलाज के साथ पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करने की पहल के रूप में सामने आया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को नियमित दवा लेने, चिकित्सकीय सलाह का पालन करने और उपचार पूरा करने का संदेश दिया गया.
टीबी के खिलाफ लड़ाई में समय पर जांच, नियमित उपचार और पर्याप्त पोषण को महत्वपूर्ण बताया गया है. ऐसे में उपचाररत मरीजों को पोषण आहार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें बीमारी और उपचार के प्रति जागरूक करना भी इस पहल का अहम हिस्सा रहा.
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