जिले में शराब तस्करों पर सीसीटीवी से रखी जा रही है कड़ी निगरानी

होली पर्व को लेकर

पूर्णिया. होली पर्व को लेकर बीते एक पखवाड़े से पुलिस एवं उत्पाद विभाग द्वारा सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. बायसी थाना क्षेत्र से सटे पश्चिम बंगाल के दालकोला चेकपोस्ट पर शराब तस्करों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है. इसके अलावा बायसी, डगरुआ और सदर थाना की गश्ती पुलिस बंगाल की ओर से आने वाले वाहनों पर पैनी नजर रख रही है. होली पर्व पर शराब की मांग बढ़ जाती है. ऐसे में शराबबंदी को लेकर पुलिसिया कार्रवाई तेज हो जाना लाजिमी भी है. बावजूद इसके शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में विदेशी शराब की होम डिलिवरी हो रही है. जानकार बताते हैं कि पुलिस दबिश बढ़ने से इन दिनों शराब महंगी हो गयी है. बड़ी मात्रा में शराब की बोतलों को जमीन में दफन कर रखा गया है. लोगों की मांग पर शराब को जमीन से बाहर निकाला जाता है. जो शराब की 750 एमएल की बोतल पहले 1200 रुपये में मिलती थी वह अभी 1800 रुपये में बड़ी मुश्किल से मिल रही है. इसी प्रकार पहले मिलने वाले 1800 रुपये की बोतल 3000 रुपये और 3000 रुपये की बोतल 4500 रुपये में मिल रही है. बढ्ते पुलिस दबिश के कारण होम डिलिवरी करनेवाले अधिकांश भेडर ग्राहकों के फोन नहीं उठा रहे. शराब के शौकिनों का कहना है कि हाल के महीने में बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की खेप पकड़ाने के बाद कई कारोबारी भूमिगत हो चुके हैं. शराब की आपूर्ति कम होने से होम डिलिवरी करनेवालों को परेशानी हो रही है. फिर भी शहर के रामबाग, नेवालाल चौक, गुलाबबाग पोलोग्राम एवं मरंगा के कुछ इलाके में चोरी छिपे शराब ग्राहकों को उपलब्ध कराया जा रहा है. जानकार बताते हैं कि फिलहाल बायसी से पूर्णिया शहर को मांग के अनुसार डिलिवरी की जा रही है.

आधी रात के बाद दालकोला से पहुंचती है शराब की खेप

नशा के विरुद्ध टाइट पुलिसिंग के बीच शराब की तस्करी में काफी सावधानी बरती जा रही है. तस्कर छोटे-छोटे वाहनों का इस्तेमाल शराब तस्करी में कर रहे हैं. लोग बताते हैं कि रात के 12 बले के बाद पश्चिम बंगाल के दालकोला से शराब की खेप को पूर्णिया की ओर भेजा जा रहा है. अधिकांश खेप पूर्णिया होकर आसपास के जिले में भेजी जा रही है. देर रात दालकोला के रेलवे लाइन के पास शराब के कुछ गोदाम में पिकअप गाड़ी खड़ी कर शराब की लोडिंग की जाती है. दालकोला से आगे कानकी में पेट्रोल पंप के पीछे स्थित एक गोदाम से शराब लोड किये जाते हैं. शराब लोड करने के बाद उसके उपर केला, सब्जी, सेब के कार्टून या चावल का भूसा डाल कर ढक दिया जाता है. सुबह 3 बजे के आसपास शराब की खेप दालकोला चेकपोस्ट से निकल जाती है. ऐसा इसलिए कि अहले सुबह पुलिस की सक्रियता कम हो जाती है. इस समय दालकोला से लेकर गुलाबबाग जीरोमाइल तक पुलिस की गतिविधि शिथिल पड़ जाती है. इसी समय का फायदा उठा कर कुछ धंधेबाज शराब की तस्करी कर रहे हैं. जानकार बताते हैं कि इन दिनों शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण इलाकों में बड़ी आसानी से शराब ग्राहकों को मिल रही है.

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Author: ARUN KUMAR

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