अगले दो साल में पूर्णिया विवि में खेलकूद व आधारभूत संरचना का होगा विकास

पूर्णिया विवि ने अपनी स्थापना के सात साल पूरे कर लिये हैं और अगले दो साल में खेलकूद और आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण होगा.

-विवि स्थापना दिवस आज प्रतिनिधि, पूर्णिया पूर्णिया विवि ने अपनी स्थापना के सात साल पूरे कर लिये हैं और अगले दो साल में खेलकूद और आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण होगा. इसी साल प्रगति यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया विवि को दो-दो सौगात दी. इनमें पूर्व में हस्तांतरित 37 एकड़ भूभाग पर अकादमिक भवन, प्रशासनिक भवन, इंडोर गेम भवन, परीक्षा भवन का निर्माण एवं परिसर कार्य का निर्माण 183करोड़ 46 लाख 54 हजार 150 की प्राक्कलित राशि से किया जायेगा, जबकि पूर्णिया विवि के अधीन रंगभूमि मैदान में 40 मीटर गुना 20 मीटर गुना 9 मीटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स मल्टीपरपस हॉल के लिए मुख्यमंत्री ने आधारशिला रखी. इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ऑक्सीलरी ब्लॉक, बहुउद्देशीय हॉल,नेचुरल फुटबॉल ग्राउंड, 6 लेन सिंथेटिक ट्रैक तथा बेहतर रख-रखाव एवं क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक भवन का निर्माण कराया जाएगा. खेल परिसर में कुल 17 खेल विधाओं टेबल टेनिस, नेटबॉल,.तलवारबाजी, मुक्केबाजी, स्क्वैश, बास्केटबॉल, रिदमिक, शूटिंग रेंज, भारोत्तोलन, वॉलीबॉल, जुड़ो-कराटे, कुश्ती, ताइक्वांडो, कलाबाजी, ट्रांपोलिन, व्यायाम विद्या एवं कब्बड्डी के खेल की सुविधा उपलब्ध होगी. सीनेट हॉल में होगा स्थापना दिवस समारोह कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह के मार्गदर्शन में सीनेट हॉल में स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जायेगा. इस संबंध में विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह की तैयारी पूरी कर ली गयी है. समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन किया जायेगा. साथ ही खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में अव्वल आये छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जायेगा. 18 मार्च 2018 को हुई थी स्थापना 18 मार्च 2018 को पूर्णिया विवि की स्थापना हुई थी, जबकि 20 मार्च 2018 को प्रथम कुलपति के रूप में प्रो. राजेश सिंह ने योगदान दिया. उनके कार्यकाल में कॉलेजों में कक्षाओं की रौनक लौटी और परीक्षाएं समय पर हुई व परीक्षाफल अल्पावधि में घोषित कर मिसाल कायम की गयी. उसके बाद प्रो. राजनाथ यादव के कार्यकाल में पीजी, पीएचडी व एमबीए में तकनीकी अड़चन दूर कर इसकी मान्यता को पुख्ता किया गया. उनके कार्यकाल में शिक्षकों व कर्मियों को प्रोन्नति समेत कई लाभ प्राप्त हुए. प्रो. पवन कुमार झा ने अल्प कार्यकाल में ही पीएचडी नामांकन पर फोकस कर छात्रहित को साकार किया. वर्तमान कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह ने बीते 22 जनवरी को योगदान दिया. उन्होंने समस्या के बदले समाधान प्रस्तुत करने का मंत्र दिया है. विवि की आगामी चुनौती – स्नातक नामांकन में यूएमआइएस सेवा को बेहतर बनाना – अंगीभूत कॉलेजों को नैक मूल्यांकन के लिए तैयार करना – कक्षा और प्रयोगशाला में छात्रोपस्थिति सुनिश्चित करना – पुस्तकालयों के नियमित संचालन की व्यवस्था करना – छात्र संघ का चुनाव कराना – कॉलेजों में छात्र संघ के कोष में राशि का हस्तांतरण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >