सरकारी वीआईपी गाड़ी का परित्याग, साइकिल से तय किया सफर
पूर्णिया जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण और सरकारी कोष की सुरक्षा के लिए उठाए गए कड़े कदमों का असर अब धरातल पर दिखने लगा है. शुक्रवार की सुबह धमदाहा अनुमंडल कार्यालय परिसर में उस समय लोग हैरान रह गए जब अनुमंडल के सबसे बड़े अधिकारी यानी एसडीएम अनुपम खुद पैडल मारकर साइकिल से अपने दफ्तर पहुंचे.
एसडीएम की इस सादगी और कर्तव्यनिष्ठा ने न केवल अधीनस्थ पदाधिकारियों व कर्मियों को फिटनेस और स्वास्थ्य का संदेश दिया, बल्कि अनुमंडल के आम वाशिंदों को भी इस राष्ट्रव्यापी और दूरदर्शी मुहिम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया.
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रत्येक शुक्रवार को मनेगा ‘नो व्हीकल डे’
गौरतलब है कि पूर्णिया के जिला पदाधिकारी (DM) ने जिले के सभी अनुमंडल, प्रखंड और जिला स्तरीय सरकारी विभागों के लिए प्रत्येक शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का सख्त निर्देश जारी किया है.
इस महत्वाकांक्षी पहल के मुख्य उद्देश्य:
- सरकारी खर्च में कटौती: सरकारी वाहनों के सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग के जरिए ईंधन पर होने वाले भारी-भरकम प्रशासनिक खर्च और सरकारी कोष पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है.
- कार्बन उत्सर्जन पर लगाम: डीजल और पेट्रोल गाड़ियों का उपयोग बंद कर वायु प्रदूषण को कम करना और कार्बन उत्सर्जन घटाकर पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
सिर्फ इमरजेंसी में मिलेगी छूट; कार पूलिंग और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की सलाह
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत अनुमंडल के सभी कनीय और वरीय अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे प्रत्येक शुक्रवार को अपने व्यक्तिगत या सरकारी ईंधन चालित वाहनों को पूरी तरह बंद रखेंगे.
कार्यालय आने-जाने के लिए ये विकल्प किए गए तय:
- पर्यावरण अनुकूल माध्यम: सभी कर्मियों को सलाह दी गई है कि वे प्रत्येक शुक्रवार को सार्वजनिक वाहनों (बस/टोटो), साइकिल या नजदीकी दूरी होने पर पैदल चलकर ही कार्यालय आएं.
- इलेक्ट्रिक वाहन व कार पूलिंग: दूर से आने वाले अधिकारी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों (EV) का उपयोग करें या फिर ‘कार पूलिंग’ (एक ही निजी वाहन में साझा यात्रा) की व्यवस्था अपनाएं.
- आपातकालीन छूट: सरकारी वाहनों का उपयोग केवल बेहद जरूरी, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों या आपातकालीन (इमरजेंसी) फील्ड ड्यूटी के कार्यों के लिए ही किया जा सकेगा, जिसके लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होगी.
एसडीएम अनुपम की इस पहल के बाद अब धमदाहा के अन्य विभागों के अधिकारी भी इस नियम का कड़ाई से पालन करने में जुट गए हैं.
धमदाहा (पूर्णिया) से आशीष सिंह की रिपोर्ट:
