राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलने से ऐतिहासिक हुआ सरहूल : विधायक

सरहुल बाहा पूजा राजकीय महोत्सव

पूर्णिया. सरहुल बाहा पूजा राजकीय महोत्सव धूमधाम से संपन्न होने पर सदर विधायक विजय खेमका ने कला संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महोत्सव स्वागत समिति, सरहुल पूजा समिति तथा बनवासी कल्याण आश्रम के सराहनीय सहयोग के लिए विधायक ने उनका बहुत-बहुत आभार जताया. विधायक ने कहा कि आदिवासियों का महापर्व सरहुल बाहा पूजा को राजकीय महोत्सव का दर्जा मिलने पर पूर्णिया में यह कार्यक्रम ऐतिहासिक हो गया. यहां जारी बयान में विधायक श्री खेमका ने कहा कि सरहुल महोत्सव में भारी संख्या में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर आदिवासी परंपरा द्वारा गीत, नृत्य और प्रकृति की पूजा कर मानव और प्रकृति के प्रेम का संदेश दिया गया. सामाजिक संगठन, समाजसेवी एवं जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने सरहुल राजकीय महोत्सव के कार्यक्रम में चार चांद लगाने का काम किया. आदिवासी कला संस्कृति की प्रस्तुति का राजकीय महोत्सव में अद्भुत नजारा देखने को मिला. राजेंद्र बाल उद्यान, रामबाग, सरना चौंक सहित कई स्थानों पर आयोजित सरहुल पूजा महोत्सव में भारी संख्या में आदिवासी भाईयो-बहनों ने प्रकृति का ये खास पर्व मनाया. विधायक ने कहा आदिवासी कला संस्कृति एवं इनकी धरोहर और विरासत की याद को संजोने एवं ताजा करने के लिए पूर्णिया में बिहार सरकार द्वारा हर वर्ष सरहुल महापर्व को राजकीय महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा.

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