पूर्णिया शहर के खजांचीहाट स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर परिसर में भारतीय योग संस्थान की पूर्णिया जिला इकाई द्वारा विशेष 'बाल संस्कार शिविर' का भव्य आयोजन किया गया.
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में शारीरिक तंदुरुस्ती, मानसिक एकाग्रता और सकारात्मक जीवन मूल्यों का विकास करना रहा.
छात्राओं ने सीखे यौगिक आसन और प्राणायाम
शिविर के दौरान योग विशेषज्ञों ने छात्राओं को दैनिक जीवन और पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने वाले कई महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास कराया:
- प्रमुख आसन: शिविर में छात्राओं को लंबे गहरे श्वास-प्रश्वास के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, सूर्य नमस्कार, कोणासन, उष्ट्रासन, सिंह गर्जना आसन एवं हास्यासन का विधिवत अभ्यास कराया गया.
- प्राणायाम का अभ्यास: मानसिक तनाव दूर करने और स्मरण शक्ति मजबूत करने के लिए अनुलोम-विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम के सही तरीके सिखाए गए.
मानव शरीर रचना और योग के वैज्ञानिक प्रभाव पर चर्चा
कार्यक्रम में पधारे विशेषज्ञों ने केवल अभ्यास ही नहीं कराया, बल्कि योग के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला:
- मानव शरीर की संरचना: जिला प्रधान सतीश चन्द्र श्रीवास्तव ने छात्राओं को मानव शरीर की आंतरिक संरचना और अंगों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया.
- स्वास्थ्य पर प्रभाव: प्रांतीय प्रधान अजय कुमार सिंह ने बताया कि नियमित योगाभ्यास किस तरह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और बीमारियों से रक्षा करता है.
- नियमित मार्गदर्शन: विद्यालय में नियमित रूप से छात्राओं को योगाभ्यास कराने वाली योग शिक्षिका तुलसी राणा ने मंच संचालन और आसनों के प्रदर्शन में मुख्य भूमिका निभाई.
बाल संस्कार शिविर: प्रमुख बिंदु एक नजर में
| मुख्य बिंदु | विवरण / जानकारी |
| आयोजन स्थल | सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, खजांचीहाट (पूर्णिया) |
| आयोजक संस्था | भारतीय योग संस्थान, जिला इकाई पूर्णिया |
| प्रमुख प्रशिक्षक व वक्ता | अजय कुमार सिंह (प्रांतीय प्रधान), सतीश चन्द्र श्रीवास्तव (जिला प्रधान), तुलसी राणा (योग शिक्षिका) |
| सिखाए गए प्रमुख अभ्यास | सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन, उष्ट्रासन, भ्रामरी व अनुलोम-विलोम |
| प्रतिभागी | विद्यालय की छात्राएं, शिक्षिकाएं एवं स्थानीय योग साधक |
उत्साह के साथ छात्राओं ने लिया दैनिक योग का संकल्प
शिविर में उपस्थित छात्राओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ सभी आसनों व प्राणायामों का अभ्यास किया तथा वक्ताओं के विचारों को एकाग्रचित्त होकर सुना.
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाचार्या और शिक्षक दल की सराहनीय भूमिका रही. शिविर के समापन पर सभी छात्राओं ने अपने दैनिक जीवन में कम से कम 30 मिनट योग करने का संकल्प दोहराया.
