पूर्णिया के रुपौली में बाढ़ राहत: 23865 परिवारों के खाते में पहुंचे ₹7-7 हजार, देखें प्रशासनिक तैयारियों की रिपोर्ट

पूर्णिया जिले के रुपौली प्रखंड में बाढ़ से प्रभावित 23,865 परिवारों को राज्य सरकार द्वारा 7-7 हजार रुपये की सीधी आर्थिक सहायता DBT के माध्यम से पहुंचाई गई है. कुल 16.70 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. प्रशासन अब बीमारियों की रोकथाम, साफ-सफाई और सड़कों के जीर्णोद्धार पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

पूर्णिया जिले के रुपौली प्रखंड में बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले हजारों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को सरकार द्वारा डीबीटी (DBT) के माध्यम से पीड़ितों को सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई गई.

रुपौली की 11 पंचायतों में आई इस बाढ़ के बाद अब पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने अपना पूरा फोकस बीमारियों की रोकथाम, साफ-सफाई और क्षतिग्रस्त सड़कों के जीर्णोद्धार पर केंद्रित कर दिया है.

23,865 बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में पहुंची सहायता राशि

राज्य सरकार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर पूर्णिया जिले के 23,865 बाढ़ पीड़ित परिवारों को बड़ी आर्थिक मदद दी गई है.

  • डीबीटी से ट्रांसफर: प्रत्येक लाभुक परिवार के बैंक खाते में 7,000 रुपये की नकद सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की गई है.
  • कुल जारी राशि: इस मद में कुल 16 करोड़ 70 लाख 55 हजार रुपये की राशि जारी की गई है.

    इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूर्णिया समाहरणालय स्थित एनआईसी (NIC) कक्ष में किया गया, जहां जिलाधिकारी अंशुल कुमार, अपर समाहर्ता आपदा सुजय सिंह, सहायक आपदा प्रबंधन प्रणव कुमार और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी दिलीप सरकार मौजूद रहे.

सूखा राशन, सामुदायिक रसोई और पशु चारा का वितरण

जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि रुपौली प्रखंड की 11 पंचायतें बाढ़ से पूरी तरह प्रभावित थीं.

  • भोजन व्यवस्था: प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राहत पैकेट बांटे गए. इसके अलावा 7 विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) का संचालन कर लोगों को ताजा और पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया गया.
  • पशुओं का खयाल: बाढ़ के कारण पशुपालकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इसे देखते हुए प्रशासन ने 280 क्विंटल पशु चारे का निशुल्क वितरण किया है.

पानी घटा, अब साफ-सफाई और सड़कें प्राथमिकता

बाढ़ का पानी उतरने के बाद जनजीवन को पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है:

  • मोटरेबल बनेंगी सड़कें: डीएम ने बताया कि अब प्रशासन की पहली प्राथमिकता घरों व सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई कराने और आवागमन सुचारू करने के लिए सड़कों को दोबारा 'मोटरेबल' बनाने की है.
  • मरम्मत कार्य शुरू: बाढ़ से सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुई दो सड़कों की प्राथमिक मरम्मत कर दी गई है, जबकि अन्य टूटी सड़कों का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा. मेडिकल टीमें भी प्रभावित इलाकों में लगातार कैंप कर रही हैं.

पूर्णिया प्रशासन: राहत एवं बचाव कार्य एक नजर में

राहत कार्य / सुविधाआंकड़े व विवरण
नावों का संचालनकुल 20 नावें (4 सरकारी व 16 अधिग्रहित)
भोजन की व्यवस्थारुपौली अंचल में 7 सामुदायिक रसोई केंद्र
स्वास्थ्य सेवाएं13 मेडिकल कैंप व 1 विशेष बोट (नाव) एंबुलेंस
पशु चिकित्सा1,524 पशुओं का उपचार (विशेष शिविरों के जरिए)
स्वच्छता व पेयजलब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, हैलोजन टैबलेट्स का वितरण
अस्थायी सुविधाएं17 अस्थायी शौचालयों का निर्माण, 2 वाटर टैंकर से पानी आपूर्ति
आश्रय सामग्री1,200 से अधिक पॉलिथीन शीट्स का वितरण

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लेखक के बारे में

By अरुण कुमार

अरुण कुमार प्रिंट माध्यम में 32 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर के पूर्णिया कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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